नाबालिग बेटी को मां-बाप ने अनजान के हवाले किया जहां उससे होने लगी जबरदस्ती, अभयम् टीम ने ऐसे छुड़ाया

महिला हेल्पलाईन 181 की रेस्क्यु टीम ने किशोरी को सुरक्षित छुडाया

नाबालिग को अभयम रेस्क्यु टीम ने महाराष्ट्र की सीमा से सुरक्षित बचाकर पुलिस के हवाले किया, जबरन भेजने वाले अभिभावकों पर पुलिस ने शुरू की कार्यवाही

कल रात एक अज्ञात व्यक्ति का अभयम 181 महिला हेल्पलाईन पर कॉल आया था कि एक नाबालिक को उसकी इच्छा के विपरित माता-पिता ने महाराष्ट्र भेज दिया है। उसकी मदद करने की मांग करने पर अभयम रेस्क्यु वान ने तत्काल पहुंचकर नाबालिक को सागबारा पुलिस थाने में पहुंचाने के साथ जरूरी कार्यवाही शुरू की। 
प्राप्त जानकारी के अनुसार सागबारा के पास एक गांव की 15 वर्षीय नाबालिक को माता-पिता ने शादी के इरादे से महाराष्ट्र भेज दिया था। जहां नाबालिक को मंगलसुत्र पहनाकर दस दिनों तक पत्नी की तरह रखा गया। इस दौरान नाबालिग ने माता-पिता से फोन करके कहा की उसके साथ जबरदस्ती की जा रही है तो सामने से माता-पिता ने जवाब दिया कि तुम्हें अब वहां पर ही रहना है। नासमझ नाबालिग ने मौसी को कॉल करके सारी हकीकत कहने पर उन्होंने अभयम 181 महिला हेल्पलाईन में कॉल करके मदद मांगी।
अभयम 181 महिला हेल्पलाईन का कार्यक्षेत्र मात्र गुजरात राज्य की सीमा तक सिमित है, महाराष्ट्र में नहीं जा सकती। अभयम की टीम ने मुश्किल में आयी नाबालिक और मौसी से फोन पर सांत्वना देकर उनकी हिम्मत बांधते हुए कहा कि आप जैसे-तैसे करके गुजरात की सीमा तक प्रवेश कर लो, उसके बाद हम आपकी मदद के लिए तैयार हैं। नाबालिग के गुजरात राज्य की सीमा तक पहुंचने पर उसके बाद अभयम की टीम ने रेस्क्यु करके उसे सागबारा पुलिस थाने ले गयी और अपराध की गंभीरता के बारे में अभयम टीम ने सागबारा पुलिस को सुचित करके योग्य कार्यवाही करने को कहा। मदद करने के लिए नाबालिग और मौसी ने अभयम टीम नर्मदा का आभार व्यक्त किया। 

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