कोरोना महामारी की समाप्ति के लिये एक मन्नत ये भी, ऐसे तपस्या कर रहे ये संत!

(Photo Credit : gujjurocks.in)

16 दिन तक एक पैर पर बिना अन्न ग्रहण किए खड़े रहे महंत, लोगों से की सभी प्रकार की सावधानियाँ रखने की अपील

कोरोना महामारी के कारण पूरी दुनिया हैरान हो चुकी है। सभी देश महमारी से निजात पाने के लिए सभी प्रकार के उपाय कर रहे है। दवा से लेकर दुआ तक लोग हर तरह की तरकीब आजमा रहे है। हालांकि फिर भी कोरोना है की कम होने का नाम ही नहीं ले रहा। इसी बीच गुजरात के बनासकाँठा में रहने वाले एक साधू ने दुनिया भर में फैले हुये इस महामारी के जड़ से खतम होने के लिए कठिन तपस्या शुरू की गई है। दुनिया भर को परेशान कर रहे इस महामारी के जल्द से जल्द खतम होने की मन्नत के साथ इस साधू ने एक पैर ऑफर खड़े होकर तपस्या शुरू की थी। 
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल बनासकाँठा के थरा के रहने वाले और फिलहाल हलवद गाँव में आए राणाबापा के आश्रम में रहने वाले महंत रतनपूरी केदारपूरी ने दुनिया भर में फैले कोरोना महामारी का जल्द से जल्द अंत आए इसके लिए मोरबी के कोठावाला मच्छु मटा के मंदिर में अन्न का त्याग कर कठोर साधना शुरू की है। महंत रतनपूरी केदारपूरी 27 अप्रैल से 12 मई तक एक पैर पर कठोर साधना शुरू की थी। इस बारे में महंत का कहना है कि सभी प्रकार कि सावधानियाँ रख दवा करने में कोई भी कसर नहीं रखनी चाहिए। दवा के साथ दुआ भी जरूरी है। ईश्वर की सच्चे मन से पुजा करेंगे तो हम हमेशा स्वस्थ रह पाएंगे। सच्चे संत हमेशा समाज का भला करते है, इसलिए वह भी समाज की मुक्ति के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे है। 

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