सूरतः कोरोना महामारी में यात्रा करने का सबसे ज्यादा खतरा कहां है? जानें

तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सरकार सावधानी बरतने की अपील कर रही है.

अहमदाबाद राज्य में प्रथम एवं देश में सातवें स्थान पर, गुजरात के जोखिम भरे शहरों में वडोदरा-2, राजकोट-3 और सूरत-5 शामिल हैं

देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर गुजरात में धीरे-धीरे काबू में आ रही है।  हालांकि, अब तीसरी लहर की संभावना जताई जा रही है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (पुणे) द्वारा 446 जोखिम भरे शहरों के साथ एक खतरनाक नक्शा तैयार किया गया है। कोरोना महामारी में यात्रा करने के सबसे अधिक जोखिम वाले शहरों में दिल्ली पहले और मुंबई दूसरे स्थान पर है, जबकि अहमदाबाद सातवें स्थान पर है। जबकि गुजरात में अहमदाबाद  पहले स्थान पर है।
आईआईएसईआर ने कुछ शहरों के साथ कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर के आधार पर सर्वे किया है, जहां से सबसे ज्यादा यात्रा करने से महामारी तेजी से फैली है। शोध में पाया गया है कि वायरस को एक शहर से दूसरे शहर में फैलने में 26 दिन लगते हैं, इसलिए कुछ शहरों में यात्रा करने से बचने के लिए कहा गया है। गुजरात में अहमदाबाद, वडोदरा, राजकोट और सूरत सबसे अधिक प्रभावित शहरों में से हैं। यदि कोई व्यक्ति इन शहरों में यात्रा करता है, तो उसके माध्यम से वायरस फैल सकता है।
खतरे का नक्शा एक ऐसे क्षेत्र का पता लगाता है जिसमें  महामारी फैल सकती है और दूसरे स्थान पर पहुंच सकती है। नक्शा भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (पुणे) द्वारा बनाया गया था, जो 446 उच्च जोखिम वाले शहरों (1 लाख से अधिक की आबादी वाले) से रिपोर्ट करता है कि वहां यात्रा करने से खतरा है। सर्वे में शहर और जिला प्रशासन जानकारी प्रदान करता है। खतरे के नक्शे महामारी के प्रसार को रोकने में मदद कर महामारी को फैलने से रोक सकते हैं या संक्रमण के प्रसार को धीमा कर सकते हैं।
हैजर्ड रैंक से पता चलता है कि किन शहरों पर खतरा है, जहां से संक्रमण बढ़ सकता है। महामारी के प्रकोप का लोकेशन हैज़र्ड रैंक सिटी को दर्शाता है। निम्न रैंक जैसे कि सूरत का 5वां रैंक है तो यह एक जोखिम क्षेत्र है। जबिक वलसाड की रैंक 70 है तो जोखिम कम है।  
खतरे के नक्शे की एक ख़ासियत यह है कि अगर कहीं कोई महामारी फैलती है, तो यह यह भी बताती है कि आसपास के क्षेत्र में पहुंचने में कितना समय लगता है। जैसे कि मुंबई से अहमदाबाद-सूरत में महामारी 26 दिन में पहुंचता है। इसके साथ ही गुजरात में जहां तेजी से फैल सकता है उसे भी रैंक दी गई है, जैसे अहमदाबाद के बाद  वडोदरा, राजकोट और सूरत में इसका ज्यादा असर होगा। गांधीनगर  अहमदाबाद के करीब होने के कारण इसे रैंक में 9वां नंबर दिया गया है।
हेजार्ड मैप में कोविड के मामले का सर्वे किया गया है। इसके बाद उसका स्थान निर्धारित करता है। तत्पश्चात परिवहन की जानकारी के साथ इसे रोकने के तरीके के बारे में जानकारी प्रदान करता है। एक सर्वेक्षण के अनुसार, ये मानचित्र यह पता लगाने के लिए त्वरित चेतावनी उपकरण हैं कि क्या किसी शहर की यात्रा करने से पहले कोई जोखिम या नहीं यह जान सकते हैं। 

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