सूरतः एक्सपायरी डेट के रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी के मामले में भाजपा नेता के पुत्र सहित दो गिरफ्तार

पुलिस ने रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते दो को दबोचा

पुलिस ने इंजेक्शन के कालाबाजारी से जुड़े आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांत शुरु की

5400 में खरीदकर 7000 में इंजेक्शन बेचते थे
शहर क्राइम ब्रांच ने एक्सपायरी डेट के रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी के मामले में भाजपा नेता और पूर्व नगर पार्षद साधना पटेल के पुत्र दिव्येश पटेल सहित दो को गिरफ्तार किया है। साथ ही शहर केपी संघवी होस्पिटल के मेडिकल स्टोर के हेड ऑफ डिपार्टमेंट विशाल अवस्थी को दबोच लिया है।  दरअसल कुछ दिन पहले सूरत के पूणागाम स्थित प्रमुख पार्क सोसायटी निवासी जिग्नेश पटेल के मामा का बेटा कोरोना संक्रमित होने के बाद अस्पताल में उपचाराधीन है। उसके लिए रेमडेसिवीर इंजेक्शन की जरूरत पड़ने पर जिग्नेश का अपने मित्रों के जरिए अडाजण के आनंद वाटिका में रहनेवाले दिव्येश संजयभाई  पटेल से हुआ।  दिव्येश ने जिग्नेश को इंजेक्शन लेने सूरत के अठवा गेट के निकट बुलाया, जहां प्रति इंजेक्शन रु. 7000 के हिसाब से रु. 42000 वसूल किए। लेकिन इंजेक्शन एक्सपायरी डेट के होने पर जिग्नेश ने पुलिस में शिकायत कर दी। इंजेक्शन के कालाबाजारी की जांच सूरत क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई, जिसने दिव्येश को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर तीन दिन रिमांड प्राप्त किए।  क्राइम ब्रांच की पूछताछ में पता चला कि दिव्येश ने इंजेक्शन अमरोली के छापराभाठा क्षेत्र निवासी और शहर के केपी संघवी होस्पिटल में मेडिकल स्टोर के हेड ऑफ डिपार्टमेंट से रु. 5400 में खरीदे थे।  जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने विशाल अवस्थी को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में विशाल ने  बताया कि उसे 8 इंजेक्शन नष्ट करने के लिए दिए गए थे, लेकिन उसने नष्ट करने के बजाए रेमडेसिवीर इंजेक्शन दिव्येश पटेल को बेच दिए। हांलाकि दिव्येश के पकड़े जाने के बाद उसने दो इंजेक्शन नष्ट कर दिए। 
पुलिस पूछताछ में दिव्येश के पास से अन्य आठ इंजेक्शन मिले थे। यह इंजेक्शन कहां से लाया था, इस संदर्भ में पूछताछ की जा रही है। साथ ही अब तक किस-किस मरीज के संबंधियों को इसने इंजेक्शन दिया है, इसकी भी जांच की जा रही है। 
विशाल अवस्थी ने पूछताछ में बताया कि दिव्येश पटेल को इंजेक्शन देते समय स्पष्टता की थी कि इंजेक्शन एक्सपायरी डेट की है। परंतु क्राइम ब्रांच को संदेह है कि विशाल अपने को बचने के लिए इस तरह का बयान दे रहा है। एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन हो तो किसी भी मरीज को इंजेक्शन किस तरह उपयोगी साबित होगा तथा यदि यह उपयोगी न हो तो मरीज के संबंधी को यह इंजेक्शन देने के पीछा कारण क्या था। विशाल से सख्ती से जांच की जाये तो रेमडेसिवर इंजेक्शन के ब्लेक मार्केटिंग को लेकर बड़ा खुलासा बाहर आ सकता है। 
क्राइम ब्रांच के डीसीपी आर.आर. सरवैया ने कहा कि कोरोना संक्रमण दरम्यान डुप्लीकेट इंजेक्शनों मरीज के जीवन के साथ खिलवाड करता है। पुलिस कमिश्नर ने सूचना दी थी कि शहर में ब्लेक में अथवा बोगस विक्रय किये जा रहे इंजेक्शनों पर विशेष वॉच रखना है। जिसे ध्यान में रखते हुए हम दिव्येश पटेल एवं विशाल अवस्थी को गिरफ्तार किया है। दिव्येश को कोर्च में पेशकर तीन दिन का रिमांड मिला है।

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