सूरतः तौकते का असर, सूरत सहित समग्र दक्षिण गुजरात में तेज बारिश, समुद्र में दिखी ऊंची लहरे

स्थानीयों द्वारा प्रशासन को सहयोग दिया जा रहा है

मेयर एवं मनपा आयुक्त ने तटीय क्षेत्रों का मुआयना किया, एक बजे तक बंद रहेगा सूरत एयरपोर्ट


सूरत सहित समग्र दक्षिण गुजरात में तूफान का असर सोमवार को सुबह से शुरू हो चुका है। दिन भर काले बादलों के बीच बूंदाबांदी के साथ सायं चार के बजे से सूरत में तेज बारिश शुरू हो गई है और डुमस के समुद्र में ऊंची लहरे उठने लगी। हालांकि इस बीच हवा की गति धीमी थी, लेकिन तौकते के गुजरात समद्र तट के टकराने के बाद सूरत में 80 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। नगर आयुक्त बंछनिधि पाणि ने किसी से भी बिना काम के अपने घरों से बाहर निकलने से बचने की अपील की है। तूफान का असर सूरत शहर और दक्षिण गुजरात में साफ दिखाई दे रहा है। सोमवार को सुबह से ही मौसम खुशनुमा के साथ सर्द  हवा चल रहा है। गत देर रात सूरत जिले और दक्षिण गुजरात के विभिन्न तालुकों में भी छिटपुट बारिश दर्ज की गई थी। तूफान को लेकर पालिका की ओर से सभी तैयारियों के तहत एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, ताकि सभी अधिकारी ड्यूटी पर मौजूद रहें। तूफान के कारण मनपा आयुक्त एवं मेयर सहित उच्च अधिकारियों ने विविध क्षेत्रों की मुलाकात ली।  
सूरत के जिला कलेक्टर डॉ. धवल पटेल ने बताया कि सूरत शहर और जिले में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। समुद्र का स्तर 1 से 2 मीटर ऊपर जा सकता है। तूफान की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को दोपहर 1 बजे तक सूरत एयरपोर्ट को बेद रखा गया है। सूरत जिले में झींगा झील और नमक पाला के क्षतिग्रस्त होने की संभावना है। उन्होंने सभी नागरिकों को बिजली के तारों या खंभों के नीचे खड़े होने से बचें कच्चे घरों या पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचने की अपील की।  तटीय क्षेत्र के लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना होगा।  यदि स्थानीय प्रशासन उन्हें स्थानांतरित करने के लिए कहता है तो उन्हें पूर्ण सहयोग की आवश्यकता होती है। यदि आपको किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तो आपको सूरत जिले के टोल फ्री नंबर 1077 पर कॉल करना होगा।
तूफान के लिए हेल्पलाइन नंबरों की घोषणा की गई। 
सेन्ट्रल जोन-9727740932
कतारगाम जोन-9724346011-13
वराछा जोन-9727740946
रांदेर जोन-9727740921
उधना जोन-9724346060-61
आठवा जोन-9724346015-17
लिंबायत जोन-9724346049-52
मुख्य नियंत्रण कक्ष-9724346021, 0261-2451756 इन नंबरों पर संपर्क कर सहयोग प्राप्त कर सकते हैं। 
युद्धस्तर पर तैयारी, एनडीआरएफ की कुल 44 टीमें तैनात
तौकते तूफान के बारे में नगर आयुक्त बंच्छानिधि पाणि ने कहा कि तूफान के खतरे को देखते हुए सूरत के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में बिजली और ऑक्सीजन की अलग-अलग व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि सोमवार को तूफान मुंबई से गुजरात की बढ़ा और दीव के पास उना तट से देर रात्रि  टकराया।  तट के किनारे कच्चे घरों में रहने वाले लोगों के लिए पास के स्कूलों और आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया गया है। हवा चलने से संचार और बिजली की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है इसलिए पानी की आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे आज और कल के लिए पानी का भंडारण करें और साथ ही पानी का संयम से उपयोग करें। उन्होंने  किसी को भी कच्चे घरों या पेड़ों के पास आश्रय लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। 
तूफान की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की कुल 44 टीमें तैनात हैं। जबकि  आईसीयू ऑन व्हील जैसी व्यवस्था स्टैंडबाय है। बिजली आपूर्ति बाधित न हो इसके लिए जीईबी की टीमें सतर्क हैं। साथ ही पेड़ गिरने की आशंका के कारण वन विभाग की टीमें भी तैयार है। थल सेना, नौसेना, वायु सेना भी स्टैंडबाय है। अस्पतालों में ऑक्सीजन की सप्लाई न प्रभावित हो इसके लिए जनरेटर, पावर बैंक की व्यवस्था की गई है। साथ ही कोविड प्रोटोकॉल के तहत कई गांवों के डेढ़ लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। स्वयंसेवी संस्थाओं को तैयार रहने का आदेश दिया गया है। 
कोली समाज के अग्रणि लक्ष्मीकांत पटेल ने कहा कि तट के किनारे रहने वाले सभी लोगों को तूफान के संभावित प्रभाव और तत्काल कलेक्टर के आदेश से आगाह कर दिया गया है। पुलिस लगातार पेट्रोलिंग भी कर रही है। झींगा झील के कारीगरों को झील से निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। प्राकृतिक आपदा के प्रति लोगों की जागरुकता और व्यवस्था की सतर्कता से ही डुमस, भीमपोर, सुल्तानाबाद सहित ग्रामीण सुरक्षित हैं।

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