सूरत : यूनिवर्सिटी द्वारा जारी परिणाम से नाखुश छात्रों ने विश्वविद्यालय में किया हंगामा, 28 हजार में से मात्र 8 हजार हुए पास

छात्रों ने परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय में हंगामा किया

नर्मद यूनिवर्सिटी ने अप्रैल माह में हुई बीकॉम के छठे सेमेस्टर के परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। इसमें 28 हजार में से 20 हजार छात्र परीक्षा में पास नहीं हुए। इस पर छात्रों ने परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय में हंगामा किया। छात्रों ने कुलसचिव डॉ केएन चावड़ा के साथ प्रभारी कुलसचिव डॉ जयदीप चौधरी से पूरे परिणाम की दोबारा जांच कराने की मांग की है।
आपको बता दें कि छात्र संघ के छात्रों सहित करीब 200 कार्यकर्ता विश्वविद्यालय पहुंचे। छात्रों के विरोध को देखते हुए चांसलर डॉ के एन चावड़ा मौजूद नहीं थे। इसलिए छात्रों ने 1 घंटे तक रजिस्ट्रार कार्यालय को घेरे रखा। 6 घंटे के विरोध के बाद विवि ने लिखित में सही फैसला लेने का संकल्प लिया। छात्रों द्वारा आरोप लगाया गया है कि परिणाम के साथ छेड़छाड़ की गई है। छात्रों ने एक आवेदन पत्र भी भेजा। जिसमें बीकॉम सेमेस्टर 6 का रिजल्ट वापस लिया जाए, पेपर चेकिंग ऑफलाइन की जाए, कम से कम 30 दिनों के अंदर रिजल्ट विदड्रॉल घोषित किया जाए। मांग की गई कि री-चेकिंग और अटिसिटी फॉर्म का शुल्क वापस किया जाए और गलत पेपर चेक करने वाले पेपर चेकर के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
इस मामले में सनी कटोरीडिया ने कहा कि अप्रैल में हुई परीक्षा के परिणाम को लेकर काफी हंगामा हुआ। 28 हजार छात्रों ने परीक्षा दी। जिसमें 8 हजार छात्र ही पास हुए हैं। एक या दो अंकों के लिए रहने वाले छात्रों को अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इसके अलावा, कुलाधिपति सही उत्तर नहीं देते हैं। अगर इस मामले में न्याय नहीं हुआ तो हम निकट भविष्य में उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। यूनिवर्सिटी के चांसलर भी हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। छात्र भी काफी मायूस हैं।

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