सूरत : कपड़ा पर जीएसटी बढ़ाने के फैसले से एसटीएम के व्यापारी नाराज

प्रतिकारात्मक तस्वीर

मोदीजी सुन लो कपड़ा से जीएसटी हटावो 'जीएसटी आंदोलन के समय का गीत पुनः वायरल होने लगा

जीएसटी काउंसिल द्वारा कपड़ा पर 12 फीसदी जीएसटी लगाने के फैसले से सूरत के कपड़ा कारोबारियों में एक बार फिर गर्मागर्म बहस छिड़ गई है। मोदी सरकार पर व्यंग्य करते हुए एक सोशल मीडिया ग्रुप में पोस्ट लिख रहे हैं। साथ ही कुछ सरकार समर्थक कपड़ा व्यापारी  अप्रत्यक्ष रूप से दखल दे रहे हैं। कपड़ा उद्योग में बन बैठे पदाधिकारी उन लोगों पर टिप्पणी कर रहे हैं जो केवल अपने स्वार्थ के लिए सरकार का गुणगान करते हैं। 
जीएसटी आंदोलन के दौरान कपड़ा व्यापारियों द्वारा रचित गीत एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ वित्त मंत्री और जीएसटी काउंसिल से पेशकश कर रहे है।  कपड़ा व्यापारी कहते है दिल से  दिल्ली वाले मोदीजी, कपड़ों से जीएसटी हटाओ। जीएसटी जब कपड़ा पर लागू करने की बात की गई थी तब सूरत के व्यापारियों द्वारा उग्र आंदोलन किया गया था, इस दरम्यान व्यापारियों पर लाठी चार्ज भी किया गया था। राष्ट्रीय राजनीति में भी यह मुद्दा सबसे अधि चर्चा का विषेय बना था।   लेकिन जब आंदोलन अपने चरम पर था, तो भाजपा समर्थक व्यापारियों ने न्यायाधीशों के रूप में काम किया, आंदोलन को बाधित किया और स्थानीय नेताओं की जी हजुरी कर कपड़ा उद्योग को नुकसान पहुंचाया था।  इस प्रकार की बात सूरत शहर के कपड़ा व्यापारियों के सोशल ग्रुप में हो रही है। 
व्यापारियों का एक वर्ग सरकार की नीतियों के खिलाफ टिप्पणी करता है। सरकार सिर्फ वोटों से डरती है। वोट देकर ही उन्हें सीधा किया जा सकता है। भक्ति और विरोध कभी साथ-साथ नहीं चल सकते, लेकिन कुछ व्यवसायी ऐसे भी होते हैं जो एसोसिएशन  में एक साथ बैठकर सरकार की आलोचना करते हैं और सरकारी नेताओं के सामने अपना स्वार्थ सिद्ध करते हैं।

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