सूरतः शारदायतन स्कूल ने छात्रों का रोका परिणाम, अभिभावकों ने डीईओ से की पेशकश

अभिभावकों ने डीईओ से की पेशकश

फीस न देने वाले 200 छात्रों का रिजल्ट स्कूल ने रोके जाने पर अभिभावकों ने किया विरोध

स्कूलों को ऑनलाइन शुरू करने को लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रशासकों के बीच विवाद छिड़ गया है। फीस जमा नहीं करने वाले छात्रों के खिलाफ स्कूल प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। वहीं दूसरी ओर अभिभावक स्कूल संचालकों की मनमानी का विरोध कर रहे हैं। छात्रों के अभिभावक गुरुवार को सुबह शारदायतन स्कूल में रिजल्ट लेने पहुंचे तो कुछ अभिभावकों को  स्कूल की ओर से रिजल्ट नहीं दिया गया था। जब अभिभावकों ने पूछा तो स्कूल प्रशासकों ने जवाब दिया कि जब तक छात्रों की फीस का भुगतान नहीं किया जाएगा, तब तक परिणाम नहीं दिया जाएगा। अभिभावकों ने स्कूल में अपना विरोध प्रदर्शन करने के बाद स्कूल की मनमानी के खिलाफ जिला शिक्षणा‌धिकारी से पेशकश की। 
शारदायतन स्कूल में प्रशासकों और अभिभावकों के बीच नोंकझोंक के बाद अपने फैसले पर अड़े रहे छात्रों का परिणाम स्कूल संचालकों ने नहीं दिया।  इसके बाद अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पहुंचकर पेशकश की। सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार अभिभावकों द्वारा फीस का भुगतान करने के बावजूद संचालकों ने अपनी तरह से ही  अभिभावकों के पास से फीस वसूल रहे हैं। 
जिला शिक्षा अधिकारी से पेशकश करने पहुंचे  विशाल गजेरा ने कहा कि राज्य सरकार के सुझाव के बावजूद  स्कूल प्रशासकों द्वारा ट्यूशन फीस का 75 प्रतिशत वसूला जाना चाहिए। स्कूल प्रशासक सरकार या एफआरसी द्वारा घोषित नियमों का पालन नहीं करते हैं। हम सरकार के कहने के अनुसार फी चुका दिया है, बावजूद इसके हमारे बच्चों के परिणाम स्कूल द्वारा प्रदान नहीं किए जा रहे हैं।  जिसके संबंध में हमने जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष पेशकश की है। 

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