सूरतः गुजरात हाऊसिंग बोर्ड पांडेसरा के जर्जरित मकानों को सील करने गये पालिका अधिकारियों का विरोध

गुजरात हाऊसिंग बोर्ड पांडेसरा में सीलींग के दौरान विरोध प्रदर्शन

गुजरात हाऊसींग बोर्ड पांडेसरा में जर्जरीत मकानों को सील करने गए पालिका तथा गु.हा.बोर्ड के अधिकारियों क स्थानिय लोगो ने विरोध करने पर सीलींग की कार्यवाही स्थगित रखी।

बरसात का मौसम खत्म होने तक का समय मांगने के बाद पालिका स्टाफ वापस लौटा
सूरत में  गुजरात हाऊसिंग बोर्ड ( गु.हा.बो.)पांडेसरा के मकान सील करने  के लिए पहुची महानगरपालिका की टीम का स्थानिय लोगो ने विरोध करने किया। पुलिस बंदोबस्त के साथ गुजरात हाऊसिंग बोर्ड  और उधना जोन के अधिकारी सीलींग की कार्यवाही कर रहे थे उस दौरान स्थानिय पार्षदों को स्थल पर बुलाए जाने पर बरसात की सीजन पुर्ण होने तक सीलींग का काम स्थगित रखने का निर्णय लिया गया। 
पांडेसरा स्थित गुजरात हाऊसींग बोर्ड के मकान जर्जरित हो जाने से उनका डिमोलिशन करने के लिए निवासीयों को हटाकर मकान सील करने के लिए सूरत महानगरपालिका की मदद ली गई थी। गुजरात हाऊसींग बोर्ड के अधिकारीयों ने पुलिस बंदोबस्त प्राप्त करने के बाद महानगरपालिका से मकान सील करने के लिए स्टाप मांगा था। गुजरात हाऊसींग बोर्ड  के कार्यपालक इंजियिनयर, डेप्युटी इंजियिनर, आसिस्टंट इंजि‌नियर, के साथ उधना जोन के कार्यपालक इंजिनियर,डेप्युटी इंजिनियर-4, आसी. इंजिनियर-18, ज्युनियर इंजिनियर, सुपर वाईजर 7, वायरमेन 3 , सिक्योरीटी स्टाफ, बेलदार तथा कोन्ट्राक्ट एजेन्सी के 80 लोगों का स्टाफ वाहन, ट्रक, जेसीबी के साथ सीलींग कामगारी के लिए स्थल पर पहुंचे थे। 
मकानों को सील करने की शुरूआत करने पर स्थानिकों ने विरोध किया मगर पुलिस बंदोबस्त होने से सीलींग की कामगारी जारी रही। इस दौरान स्थानिय असरग्रस्त स्थानिय कोर्पोरेटर को स्थल पर लेकर आए। कोर्पोरेटर और अधिकारियों के समक्ष असरग्रस्तों ने पेशकश करते हुए कहा की बरसात का मौसम पुरा होने तक का समय दिया जाए। असरग्रस्तों को वैक्लपीक आवास दिया जाए उसके बाद सीलींग की कार्यवाही करने कि रजुआत असरग्रस्तों ने की। चर्चा विचारणा के बाद गुजरात हाऊसिंग बोर्ड के अधिकारियों ने जर्जरीत मकानों में रहनेवाले लोगों को खाली करने के लिए समय देने की मांग का स्वीकार किया और हाल सीलींग की कार्यवाही स्थगित रखी। इस दौरान एलआईजी 512, एलआईजी 240, एलआईजी 192 सहित कुल 18 ब्लोक में 109 फ्लैट तथा 5 दुकानों को सील कीया गया था। 
असरग्रस्तों को वैकल्पिक आवास दे सरकारः हरीश सुर्यवंशी , जमीन खाली करके बिल्डरों को बेचना चहती है सरकार 
सूरत शहर कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष हरीश सुर्यवंशी ने कहा कि गुजरात हाऊसींग बोर्ड पांडेसरा में करीबन 2000 से अधिक परिवारों को मोनसून के दौरान वैकल्पिक आवास के बेघर करना अनुचीत है।  गुजरात सरकार गरीबों के मकान खाली कराकर उस जमीन को बिल्डरों बेचना चाहती है। अगर हाऊसींग बोर्ड के मकान जर्जरीत है तो उन्हे रिपेर करे या उसी स्थल पर असरग्रस्तों को नए मकान बनाए या अन्य स्थल पर वैकल्पिक आवास दे। यहां के 2000 परिवारों को मोनसून के दौरान बेघर करने की योजना प्रशासन ने बनाई होने का आरोप लगाया। कोरोनाकाल के दौरान गरीब श्रमिक मजदुरो तथा सामान्य वर्ग की आर्थिक परिस्थिति और कमजोर हुई है। ऐसी परिस्थिति के दौरान सरकार गुजरात हाऊसिंग बोर्ड के 2000 परिवारों को बेघर करना चाहती है। शहर में कभी भी बारीश शुरू हो सकता है ऐसे समय में सर से छत छीन जाने पर गरीब लोग कहा जाऐगे यह एक पेचिदा प्रश्न है। सभी असरग्रस्त परिवार रोज कमा कर खानेवाले गरीब और श्रमिक वर्ग के है। असरग्रस्तों को वैकल्पिक आवास देने की मांग के साथ सूरत शहर कांग्रेस द्वारा सोमवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से गुजरात हाऊसींग बोर्ड के चेअरमेन, शहरी विकास विभाग के सचिव और मुख्यमंत्री तक पेशकश की जायेगी। 

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