सूरत : दशहरा के अवसर पर शहर में करोड़ो रुपये का फाफड़ा जलेबी चट कर जायेंगे सूरतवासी

फाफड़ा जलेबी की फाईल तस्वीर

पेट्रोल, डीजल, सामग्री आदि की कीमत के कारण फाफड़ा-जलेबी में एक वर्ष में प्रत्येक में 40 से ५० रुपये प्रति किलों की भाव वृद्धि हुई

नवरात्रि में आज एक दिन शेष होने के साथ ही फरसान की दुकान चलाने वाले लोगों ने फाफड़ा और जलेबी बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। दशहरा के अवसर पर सूरत सहित समग्र गुजरात में फापड़ा जलेबी खाने की परंपरा है। दशहरा के दिन सूरतवासी सूबह सूबह फाफड़ा जलेबी का नास्ता करके त्यौहार की शुरूआत करते है। नौ दिनों तक कुछ भक्त माताजी के उपवास रखते है वह भी दशहरे के दिन फाफड़ा जलेबी खाकर ही अपना उपवास छोडते है। 

कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद इस साल बिक्री बढ़ने की संभावना 


शहर में फरसाण और नमकीन के कारोबारियों के मुताबिक पिछले साल की तुलना में इस साल फाफड़ा और जलेबी की बिक्री ज्यादा बढ़ने की संभावना है। लेकिन दूसरी ओर, पेट्रोल, डीजल, सामग्री, परिवहन आदि की कीमतों में वृद्धि के कारण, फाफड़ा और जलेबी की कीमतों में पिछले साल की तुलना में प्रत्येक में 40 रुपये की वृद्धि हुई है। सभी जीवनावश्यक चीजवस्तूओं के दाम बढने के साथ महंगाई बढ़ी है जिसकी असर फाफडा जलेबी के दामों पर भी दिखाई दे रही है। दम बढने के बावजुद स्वादप्रिय जनता त्यौहार पर करोडो रुपये की फाफडा जलेबी चट कर जायेगें। 

एक साल में बढ़ गए फाफड़ा जलेबी के सामग्री के दाम


फाफडा जलेबी की सामग्री  में पिछले  साल  सिंगतेल बॉक्स 2400 रुपये था जो इस साल 2900 रुपये है। पिछले साल  बेसन 60-70  रुपये प्रति किलो था जो इस साल बढ़कर 80-90 प्रति किलो हो गया है। फाफडा में इस्तेमाल होने वाला अजमा पिछले साल  170 प्रति किलो था जो इस साल बढ़कर  220 रुपये प्रति किलो हो गया है। पिछले साल हरी मिर्च 20 रुपये थी जो अब  40 प्रति किलों है। फाफडे की चटनी के लिए पपीता पिछले साल 10 रुपये प्रति किलो था जो अब 20 प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। 

त्यौहार पर नही दिखेगा महंगाई का मार 


जलेबी बनाने के लिए घी पिछले साल 600-750 रुपये किलो था जो इस साल बढ़कर 700-850 रुपये प्रति किलो हो गया है।  चीनी का भाव पिछले साल 35 रुपये किलो था जो इस साल 40 रुपये प्रति किलो हो गया है। मेंदा का भाव जो पिछले साल 25 रुपये प्रति किलो था जो अब 35 रुपये प्रति किलो है। इस प्रकार से फाफडा जलेबी की सामग्री के भाव में वृध्दि हुई है इस लिए नमकिन फरसाण और मीठाई विक्रेताओं ने भी भाव में 40 से 50 रुपये की वृध्दि की है। 

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