सूरत : मनपा क्षेत्र में पांच साल में 500 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन शुरू किए जाएंगे

सरकार की 70 फीसदी सब्सिडी से 200 चार्जिंग स्टेशन बनाएगा मनपा

सूरत में पर्यावरण को बनाये रखने के लिए लोगों को अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए मनपा प्रोत्साहित करेंगी। मनपा प्रशासन ने अगले पांच वर्षों में लगभग 500 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट शुरू करने की योजना बनाई है। सूरत महानगर पालिका सरकारी अनुदान से 200 और पीपीपी आधार पर 300 चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने की योजना बना रही है। स्टैंडिंग कमेटी की अगली बैठक में चार्जिंग स्टेशन पर फैसला होगा।
सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। जिससे सूरत में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ रही है। सूरत महानगर पालिका द्वारा इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाती हैं और लोग टू व्हीलर और फोर व्हीलर इलेक्ट्रिक वाहन भी खरीद रहे हैं। जो लोग वाहन खरीद रहे हैं उनके लिए मनपा चार्जिंग स्टेशन शुरू करने की योजना बना रहा है। सूरत मनपा क्षेत्र में पालिका की योजना सरकारी अनुदान से 200 चार्जिंग स्टेशन या पीपीपी आधार पर चार्जिंग प्वाइंट शुरू करने की है। इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने पर प्रति चार्जिंग स्टेशन पर अनुमानित 20 लाख रुपये खर्च होंगे। इसमें मुनि. चार्जिंग स्टेशन शुरू करने वाली प्रणाली को सरकार की ओर से 70 फीसदी अनुदान मिलेगा।
सूरत में जो लोग पीपीपी के आधार पर चार्जिंग स्टेशन शुरू करना चाहते हैं, उनके पास 250 वर्गमीटर की आवश्यकता होगी। जो लोग निजी तौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन शुरू करना चाहते हैं, वे और बिजली कंपनी के बीच सूरत मनपा प्रशासन नोडल अधिकारी की  भूमिका निभाएगा।  पालिका ने जिस तरह सोलर रूफ प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया, उसी तरह वह इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन पर भी काम करेगी। पिछले कुछ समय से सूरत में ई-वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पालिका चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना बना रही है।
सूरत महानगरपालिका खुद करीब 200 चार्जिंग स्टेशन शुरू करेगा जिसमें राज्य सरकार ने भी निगम को 70 फीसदी सब्सिडी दी है।  सब्सिडी मिली है, मिलने से हर जोन में 50 चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम मनपा करेगा। मनपा  फिलहाल चार्जिंग स्टेशन-प्वाइंट लगाने के लिए स्थान तय कर रहा है, इसलिए आने वाले दिनों में सूरत के हर क्षेत्र में मनपा के और निजी चार्जिंग प्वाइंट नजर आएंगे।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:


ये भी पढ़ें