सूरत : कोरोना संक्रमित मरीज का मृतदेह सड़क पर रख अस्पताल को मारा ताला

(Photo Credit : Zeenews.com)

कोरोना महामारी के बीच अस्पताल भूली मानवता, पिता ने दर्ज की पुलिस में शिकायत

जैसे जैसे देश में कोरोना के केस बढ़ रहे है, मानों लोग संवेदनाहिन भी बनते जा रहे है। कई लोगों द्वारा कोरोना संक्रमित मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है। ऐसे में सूरत से एक ऐसा केस सामने आया है, जो काफी हैरतअंगेज़ होने के बाद मनुष्य द्वारा मानवता भूले जाने की सत्यता को उजागर करती है। सूरत के पांडेसरा इलाके से सामने आई इस घटना में प्रिया जनरल हॉस्पिटल के संचालको द्वारा एक कोरों संक्रमित मरीज को पैसे नहीं देने के कारण उसके मृतदेह को सड़क पर रखकर अस्पताल को ताला मार दिये होने की घटना सामने आई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पांडेसरा पुलिस स्टेशन घटना स्थल पर पहुंची थी। 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भगवान नायक नाम के एक शख्स को पिछले दो दिनों से बुखार आ रहा था। जिसके चलते उन्होंने पांडेसरा में आई प्रिया जनरल हॉस्पिटल में डॉक्टर को दिखाया था। जहां वह कोरोना पॉज़िटिव होने की बात सामने आई थी। इलाज शुरू होने के बाद अस्पताल द्वारा बार बार इलाज के नाम पर उनसे पैसे मांगे जाने लगे। हालांकि पैसे देने के बावजूद उनकी तबीयत में कोई सुधार देखने नहीं मिल रहा था और अंत में उनकी मृत्यु हो गई थी। 
हालांकि इसके बाद भी उनके बिल को लेकर अस्पताल द्वारा उनसे पैसों की मांग की जा रही थी। हालांकि इस दौरान अस्पताल मानों मानवता भूल गई हो ऐसे उन्होंने भगवान नायक का मृतदेह अस्पताल के बाहर रखकर अस्पताल को अंदर से ताला मार लिया था। यह दृश्य देखकर नायक परिवार स्तब्ध हो गया था। इस तरह से अपने पुत्र की लाश को सड़क पर देखने के बाद परिवार ने पोलकिए को बुलाया था और शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने पूरे मामले में जांच शुरू की है। परिवार ने कहा की उन्हें न्याय मिले या न मिले पर उनके अंदर अभी भी मानवता है। इसलिए वह अपने पुत्र की लाश को यहाँ से ले जाकर उसका विधिवत अंतिम संस्कार कर उसकी आत्मा को शांति देंगे। 

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