सूरत : सिर्फ 5 दिनों में 80 पक्षी और 85 से ज्यादा जानवर हो गए डिहाईड्रेशन का शिकार

गर्मी बढने पर पशु पक्षीओं पर भी उसका विपरित असर हो रहा है

आमतौर पर लगभग 300 पक्षी और जानवर गर्मियों में हीटवेव का सामना करते हैं। इस साल केवल पांच दिनों में यह संख्या 160 से अधिक हो गई है

शहर में तापमान बढ़ने पर विशेष रूप से कबूतर, तोते और गली के कुत्ते जैसे पक्षी निर्जलीकरण ( डिहाईड्रेशन ) से पीड़ित हैं।
शहर में तापमान बढ़ने पर लू से पक्षी बीमार हो रहे हैं। केवल 5 दिनों में पक्षियों को अपर्याप्त पानी की आपूर्ति के कारण 80 पक्षी और 85 से अधिक जानवरों की मौत हो गई है। विशेष रूप से कबूतर, तोते और गली के कुत्ते जैसे पक्षी निर्जलीकरण से पीड़ित हैं।
शहर का पारा कल के मुकाबले आज तीन डिग्री कम आंका गया है। हालांकि, पिछले पांच दिनों में तापमान 42 डिग्री से अधिक हो गया है। इससे आम आदमी ही नहीं पशु-पक्षी भी प्रभावित हुए हैं। सामान्य दिनों में संगठनों को प्रति दिन 4 से 5 पक्षियों के निर्जलीकरण ( डिहाईड्रेशन )के लिए कॉल आते हैं, जबकि गली के कुत्ते भी गर्मी से प्रभावित हुए हैं। शहरी क्षेत्रों में रहने वाले कबूतर और तोते समेत पक्षी लू के कारण डिहाइड्रेशन से बीमार हो रहे हैं। शहरों की तुलना में गांवों में झीलों, नहरों और खाइयों से पीने का पानी मिलता है और चिलचिलाती गर्मी से पक्षी अपनी रक्षा करते हैं। लेकिन शहर में पीने का पानी नहीं होने पर वे हैरान परेशान हो जाते हैं।  आमतौर पर लगभग 300 पक्षी और जानवर गर्मियों में हीटवेव का सामना करते हैं। इस साल केवल पांच दिनों में यह संख्या 160 से अधिक हो गई है। 
प्रयास के दर्शन नायक ने कहा, "9 से 13 मई के बीच, हमारे पास 80 से अधिक पक्षी हैं, जबकि 85 से अधिक स्ट्रीट डॉग निर्जलित हो चुके हैं।" प्रभावित पक्षियों को एक पुनर्वसन केंद्र में ले जाया जाता है और मल्टीविटामिन और पानी के साथ इलाज किया जाता है। एक बड़े पिंजरे में रखे जाने के बाद जब तक वे फिर से उड़ नहीं सकते उन्हे पुनर्वसन केंद्र पर रखेते है फिरउन्हें छोड़ दिया जाता है । कुत्तों को निर्जलीकरण का उपचार भी दिया जाता है।

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