सूरत : 20 मुद्दों का समाधान नहीं किया तो 20 अक्टूबर की मध्यरात्रि से थम जाएंगे एसटी बसों के पहिए

एसटी विभाग के कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

मांगों को लेकर सूरत एसटी विभाग के कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

46,000 कर्मचारी अधिकारों के लिए अनिश्चित काल तक चक्का जाम करेंगे : बिपिन लगारिया
सूरत एसटी मजदूर संघ ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को 20 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दिया है। 20 अक्टूबर तक 20 समस्याओं का समाधान नहीं होने पर प्रदेश भर के कर्मचारी हड़ताल पर जाने की धमकी दे रहे हैं।
सूरत के एसटी ट्रेड यूनियन के कार्यवाहक अध्यक्ष बिपिन लगारिया ने कहा, "अब सरकार को सोचना होगा।" हमने 45 दिनों में दो आवेदन दिए हैं। 2 बार प्रशासनिक विभाग से मिला, एक बार सरकार से बात की, अब अधिकार की मांग करते-करते  लेते-लेते थक गया हूं,आंदोलन ही समाधान है। सरकार के पास अगले 48 घंटे हैं, नहीं तो 46 हजार एसटी के कर्मचारी पहले ही रणनीति बना चुके हैं, वे अपने अधिकारों के लिए अनिश्चितकाल तक संघर्ष करेंगे। 
उन्होंने आगे कहा कि राज्य के 46,000 कर्मचारी पिछले डेढ़ महीने से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।  सरकार सिर्फ लॉलीपॉप दे रही है। एसटी कर्मचारियों के 20 मुद्दों को लेकर कर्मचारी सरकार के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। एसटी की तीनों यूनियनों की समन्वय समिति में यह फैसला लिया गया है। 20 अक्टूबर आखिरी तारीख है नहीं तो 20 अक्टूबर की आधी रात से सभी एसटी बसों के पहिए थम जाएंगे। दिवाली के दौरान 200 बसों की बुकिंग की गई है।

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