सूरत : स्मार्ट सिटी के बाद अब 'वुमन-फ्रेंडली' शहर बनने की ओर अग्रसर, महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वावलंबन पर फोकस
महिला मजदूरों के लिए चलेंगे 50 विशेष स्वास्थ्य जागरूकता अभियान; 2000 महिलाओं को दिया जाएगा कौशल प्रशिक्षण
सूरत, 1 मार्च, 2026 – अपनी बेहतरीन बुनियादी सुविधाओं के दम पर स्मार्ट सिटी और मेट्रो सिटी का खिताब हासिल करने के बाद, अब सूरत महानगर पालिका ( एसएमसी) शहर को 'वुमन-फ्रेंडली' (महिला-हितैषी) शहर के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है।
इस नई पहल का मुख्य केंद्र शहर की महिला श्रमिक और वे महिलाएं हैं जो रोजगार की तलाश में बाहर से सूरत आई हैं। जिनके स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जायेगा।
महानगर पालिका ने महिला मजदूरों के जीवन स्तर और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है। जिसके लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जायेगे। इस वर्ष शहर के विभिन्न 'कड़ियानाकों' (श्रमिक बाज़ार) और शेल्टर होम्स में 50 विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।
हेल्थ केयर व हाइजीन: इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को बुनियादी स्वास्थ्य देखभाल और स्वच्छता (हाईजीन के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि वे शारीरिक रूप से मजबूत और बीमारियों से सुरक्षित रह सकें।
आर्थिक सशक्तिकरण: 2000 महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण मिलेगा। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशासन ने एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है।
स्किल ट्रेनिंग: विभिन्न सरकारी विभागों और स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से 2000 महिलाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल सिखाया जाएगा।
आधुनिक कोर्सेज: महिलाओं को फूड प्रोसेसिंग, बेकरी उत्पाद, किचन गार्डनिंग और कैनिंग जैसे आधुनिक तरीकों का प्रशिक्षण मिलेगा।
पारंपरिक कला: सूरत की विरासत 'ज़रदोशी' वर्क और अन्य पारंपरिक हस्तकलाओं को भी इस प्रशिक्षण में शामिल किया गया है, ताकि स्थानीय कला को जीवित रखते हुए महिलाएं घर बैठे आय अर्जित कर सकें।
इस पूरी योजना का मूल उद्देश्य महिलाओं को न केवल हुनरमंद बनाना है, बल्कि उन्हें समाज में एक सम्मानित और आत्मनिर्भर जीवन जीने के अवसर प्रदान करना है।
सूरत महानगर पालिका का मानना है कि जब शहर की महिलाएं सुरक्षित और आर्थिक रूप से स्वतंत्र होंगी, तभी सूरत सही मायने में एक 'स्मार्ट और वुमन-फ्रेंडली' शहर कहलाएगा।
