सूरत: वीएनएसजीयू बनाएगा 400 करोड़ का हाई-टेक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ओलंपिक 2036 के लिए तैयार होंगे खिलाड़ी
डायमंड जुबली वर्ष पर ऐतिहासिक निर्णय: 14,000 की क्षमता वाला डे-नाइट क्रिकेट स्टेडियम और ओलंपिक साइज स्विमिंग पूल को मिली मंजूरी
सूरत। वीर नर्मद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी (वीएनएसजीयू) ने अपने डायमंड जुबली वर्ष की पूर्व संध्या पर दक्षिण गुजरात के खेल जगत के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में कैंपस में लगभग 400 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने को मंजूरी प्रदान की गई। यह परियोजना न केवल विश्वविद्यालय के 2 लाख से अधिक छात्रों के लिए, बल्कि दक्षिण गुजरात के 1.5 करोड़ लोगों के लिए भी एक बड़ा खेल केंद्र साबित होगी।
भारत द्वारा 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए बोली और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य स्थानीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें वैश्विक प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।
परियोजना के तहत मौजूदा क्रिकेट ग्राउंड को लगभग 14,000 दर्शकों की क्षमता वाले डे-नाइट स्टेडियम में विकसित किया जाएगा। इसमें फ्लडलाइट्स और अंतरराष्ट्रीय मानकों की पिच तैयार की जाएगी, जिससे भविष्य में बड़े टूर्नामेंट आयोजित किए जा सकेंगे। साथ ही बॉक्स क्रिकेट जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
कॉम्प्लेक्स में एक नया ओलंपिक साइज़ स्विमिंग पूल बनाया जाएगा, जिसमें 300 से अधिक दर्शकों के बैठने की गैलरी होगी। हॉकी ग्राउंड और एथलेटिक ट्रैक को भी आधुनिक मानकों के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा, ताकि खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अभ्यास वातावरण मिल सके।
इनडोर खेलों के लिए पांच मंजिला अत्याधुनिक हाई-परफॉर्मेंस सेंटर बनाया जाएगा। इसमें बैडमिंटन, टेबल टेनिस, शूटिंग रेंज, खो-खो, वॉलीबॉल और पिकलबॉल जैसी खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह केंद्र वैज्ञानिक प्रशिक्षण, तकनीकी कोचिंग और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान देगा।
खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिए मॉडर्न जिम, फिजियोथेरेपी सेंटर और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। बाहर से आने वाले खिलाड़ियों और टीम प्रबंधकों के लिए रेस्ट हाउस की व्यवस्था भी की जाएगी।
परियोजना के लिए राज्य और केंद्र सरकार से वित्तीय सहयोग प्राप्त करने के साथ-साथ सीएसआर फंड और औद्योगिक घरानों से भी सहायता ली जाएगी। सभी सुविधाओं को अगले तीन वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
विश्वविद्यालय के चांसलर किशोर सिंह चावड़ा ने कहा कि अपने 61वें वर्ष में प्रवेश कर रही यूनिवर्सिटी दक्षिण गुजरात के युवाओं को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का तिरंगा लहराएगा, तब वीएनएसजीयू में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ी भी उसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
