सूरत : बजट विश्लेषण में टैक्स सुधारों की सराहना, टीडीएस-टीसीएस नियमों का सरलीकरण व्यापारियों के लिए बड़ी राहत
नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 और पुराने एक्ट 1961 के बीच के अंतर को समझना होगा जरूरी; 'लॉस रिटर्न' अपडेट करने के प्रावधान का स्वागत
सूरत। द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित 'पोस्ट बजट एनालिसिस' कार्यक्रम में देश के जाने-माने कर विशेषज्ञ और अधिवक्ता मुकेश पटेल ने केंद्रीय बजट 2026-27 की बारीकियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने वित्त मंत्री द्वारा टैक्स सिस्टम को और अधिक व्यावहारिक बनाने के प्रयासों की सराहना की।
मुकेश पटेल ने बताया कि इस बजट में टीडीएस और टीसीएस के नियमों को सरल और स्पष्ट किया गया है।नो डबल टैक्स: नए प्रावधानों के तहत अब एक ही ट्रांजेक्शन पर दो बार टैक्स लगने की समस्या खत्म होगी, जिससे उद्योग जगत और व्यक्तिगत करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी।व्यवहारिकता: टैक्स सिस्टम को अब अधिक 'प्रैक्टिकल' बनाया गया है ताकि जटिलताओं के कारण होने वाली कानूनी अड़चनों को कम किया जा सके।
बजट में रिटर्न फाइलिंग को लेकर दो क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं:लॉस रिटर्न का अपडेट: पहले यदि किसी ने घाटे का रिटर्न भरा हो, तो वह उसे अपडेट नहीं कर पाता था। अब नए प्रावधान के अनुसार, यदि घाटा कम होता है, तो 'लॉस रिटर्न' को भी अपडेट किया जा सकेगा।
री-असेसमेंट में राहत: अब री-असेसमेंट नोटिस मिलने के बाद भी टैक्सपेयर्स को अपडेटेड रिटर्न फाइल करने का अवसर मिल सकता है, जो एक बड़ा राहतकारी कदम है। अधिवक्ता पटेल ने टैक्स प्रोफेशनल्स को सचेत करते हुए कहा कि अब पुरानी और नई व्यवस्था के बीच के फर्क को समझना अनिवार्य होगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 से नया कानून प्रभावी होगा।दोहरी व्यवस्था: प्रोफेशनल्स को इनकम टैक्स एक्ट 1961 (असेसमेंट ईयर आधारित) और नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 (फाइनेंशियल ईयर आधारित) दोनों के बीच तालमेल बिठाकर काम करना होगा। अब असेसमेंट ईयर का पुराना प्रोसेस हटकर केवल 'फाइनेंशियल ईयर' ही मुख्य मानक रहेगा।
कार्यक्रम की शुरुआत में चैंबर अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने अतिथियों का स्वागत किया। मानद कोषाध्यक्ष CA मितिश मोदी और इनकम टैक्स कमेटी के चेयरमैन CA प्रग्नेश जगशेठ ने सत्र का प्रभावी संचालन और मॉडरेशन किया। इस अवसर पर चैंबर के पूर्व अध्यक्ष विजय मेवावाला, अमरनाथ डोरा सहित बड़ी संख्या में सीए, टैक्स कंसल्टेंट्स और उद्यमी उपस्थित रहे।
