सूरत : सरथाना नेचर पार्क में बाघ और बाघिन का आगमन, जानिए कब देख पाएंगे विज़िटर्स नई रॉयल जोड़ी
ओडिशा के नंदनकानन ज़ू से 1675 किमी का सफर तय कर आए बाघ और बाघिन; 45 दिनों के क्वारंटीन के बाद विज़िटर्स कर पाएंगे दीदार
सूरत। सूरत के वाइल्डलाइफ़ प्रेमियों के लिए एक खुशी की खबर है। ओडिशा के भुवनेश्वर से लाए गए बाघ और बाघिन के जोड़े को मंगलवार, 10 फरवरी को सरथाना स्थित डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ज़ूलॉजिकल गार्डन (नेचर पार्क) में डिस्प्ले के लिए रखा जाएगा। हालांकि, विज़िटर्स इस जोड़ी को क्वारंटाइन पीरियड पूरा होने के बाद ही करीब से देख सकेंगे।
सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित नेचर पार्क में ‘एनिमल एक्सचेंज स्कीम’ के तहत भुवनेश्वर के प्रसिद्ध नंदनकानन ज़ूलॉजिकल गार्डन से इस बाघ और बाघिन के जोड़े को लाया गया है। बाघ का नाम ‘अभय’ और बाघिन का नाम ‘श्री’ बताया गया है। दोनों ने लगभग 48 घंटे में भुवनेश्वर से सूरत तक करीब 1675 किलोमीटर की लंबी यात्रा पूरी की है।
क्यों ज़रूरी है क्वारंटाइन पीरियड?
आमतौर पर क्वारंटाइन शब्द इंसानों से जोड़ा जाता है, लेकिन चिड़ियाघरों के नियमों के अनुसार, जब किसी जानवर को एक राज्य से दूसरे राज्य में लाया जाता है, तो उसे नए वातावरण के अनुकूल बनाने के लिए क्वारंटाइन में रखा जाता है।
नेचर पार्क की अधिकारी हिना पटेल ने बताया कि भुवनेश्वर और सूरत के मौसम व वातावरण में काफी अंतर है। लंबी यात्रा की थकान के बाद जानवरों को करीब 45 दिनों के क्वारंटाइन में रखा जाता है, ताकि वे नए माहौल में ढल सकें और उनकी सेहत पर लगातार निगरानी रखी जा सके।
कब बनेंगे विज़िटर्स के आकर्षण का केंद्र?
बाघ और बाघिन को डिस्प्ले एरिया में लाने की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू की जाएगी। फिलहाल यह जोड़ी विशेष निगरानी में रखी गई है। क्वारंटाइन अवधि पूरी होने के बाद यह रॉयल जोड़ी सरथाना नेचर पार्क में आने वाले विज़िटर्स के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनेगी।
