सूरत : आर्ट और कल्चर का भव्य उत्सव, ‘नायिका 5.0’ और ‘रंगिनी’ ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

'एशिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स' और 'इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स'में दर्ज हुआ नाम, लोक कला और लोक नृत्य का अनोखा संगम

सूरत : आर्ट और कल्चर का भव्य उत्सव, ‘नायिका 5.0’ और ‘रंगिनी’ ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

सूरत : डायमंड सिटी सूरत अब कला और संस्कृति के क्षेत्र में वैश्विक पहचान की ओर तेजी से बढ़ रही है। सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, ताल ग्रुप और ‘रंगिनी’ की संयुक्त पहल पर सूरत साइंस सेंटर में ‘नायिका 5.0’ और ‘रंगिनी’ फेस्टिवल का भव्य आयोजन किया गया।

इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि लोक कला और लोक नृत्य के संगम से एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया गया।

ताल ग्रुप की फाउंडर डायरेक्टर और कोरियोग्राफर आर्किटेक्ट कृतिका शाह ने बताया कि ‘नायिका’ केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नारी शक्ति और स्त्रीत्व का उत्सव है। यह आयोजन आगामी 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की तैयारी के रूप में किया गया है।

‘रंगिनी’ फेस्टिवल के अंतर्गत कई वर्कशॉप आयोजित की गईं, जिनका उद्देश्य भारत की लुप्त होती और समृद्ध हस्तकलाओं को पुनर्जीवित करना है। इस प्रदर्शनी में देश के प्रसिद्ध पद्मश्री कलाकारों ने भाग लिया।

पिथौरा आर्ट विशेषज्ञ परेशभाई राठवा ने बच्चों को जनजातीय कला की बारीकियां सिखाईं, जबकि राजस्थान के प्रख्यात मोलेला मूर्तिकला कलाकार प्रशांतभाई ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया। साथ ही, वारली कला के जाने-माने कलाकार महेशभाई ने सूरत के हजारों बच्चों को प्रशिक्षण दिया।

13 फरवरी को शहर के विभिन्न स्कूलों के हजारों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक वर्कशॉप में भाग लिया। बच्चों को पद्मश्री कलाकारों से सीधे मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिससे उनकी रचनात्मक प्रतिभा को नया मंच मिला। इसके अलावा, स्थानीय कलाकारों की कला प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही।

कार्यक्रम के दूसरे दिन, 14 फरवरी को एक ऐतिहासिक क्षण तब आया जब सबसे अधिक लोक नृत्य और लोक कला कलाकार एक ही मंच पर एकत्रित होकर प्रस्तुति दी। इस उपलब्धि को मान्यता देने के लिए 'एशिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स' और 'इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स' के प्रतिनिधि सूरत पहुंचे और आयोजकों को आधिकारिक प्रमाणपत्र प्रदान किया।

यह उपलब्धि सूरत के लिए गर्व का विषय बन गई है, क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में लोक संस्कृति की प्रस्तुतियां पहले कभी एक साथ नहीं देखी गई थीं।

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