सूरत : आरएसएस शताब्दी वर्ष पर सूरत में विशाल हिन्दू सम्मेलन, राष्ट्र और समाज की भूमिका पर हुआ मंथन
डुभांल से निकली भव्य शोभायात्रा, हजारों की मौजूदगी में वक्ताओं ने एकता और संगठित भारत का दिया संदेश
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सालासर बस्ती विस्तार डुभांल के तत्वावधान में रविवार, 1 फरवरी 2026 को सूरत के पर्वत पाटिया क्षेत्र में एक विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन साउथ जोन के सामने, वाटिका टाउनशिप के पीछे आयोजित हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में मातृशक्ति, युवा वर्ग एवं समाज के सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे।
सम्मेलन का शुभारंभ डुभाल हनुमान मंदिर के महंत जीतू गिरीजी महाराज एवं अन्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को भव्य और प्रेरणादायक बना दिया।
सम्मेलन में वरिष्ठ एडवोकेट नयन सुखडवाला, प्रखर वक्ता नंदकिशोर शर्मा, प.पू. श्रमणी आर्यिकारत्न श्री 105 विबोध श्री माताजी, भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के ब्रांड एंबेसडर शिव ओम मिश्रा तथा गुरुकुल आचार्य ऋषि विवेक प्रमुख वक्ता के रूप में मंच पर मौजूद रहे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में वर्तमान सामाजिक और राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्र सर्वोपरि, अनेकता में एकता, संगठित हिन्दू समाज, समर्थ भारत और देश के विकास में समाज की भूमिका जैसे विषयों पर विचार रखे।
विशाल हिन्दू समिति के संयोजक मनमोहन शर्मा ने बताया कि सम्मेलन से पूर्व डुभांल हनुमान मंदिर से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। वहीं, मीडिया प्रभारी सज्जन महर्षि ने जानकारी दी कि शोभायात्रा सुबह 9.30 बजे डुभांल हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर जयनगर, सालासर नगर, वृंदावन सोसायटी, गोकुलनगर, नीलकंठ सोसायटी, श्याम वाटिका सहित विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। शोभायात्रा का मार्ग में विभिन्न सोसायटियों द्वारा पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।
करीब दो घंटे तक चले सम्मेलन में वक्ताओं ने सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की सहभागिता पर जोर दिया। आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह और सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
