सूरत : AM/NS India नई टैक्सोनॉमी के तहत ग्रीन स्टील सर्टीफिकेशन प्राप्त करने वाली पहली एकीकृत इस्पात उत्पादक कंपनी बनी
भारत के विकसित हो रहे ग्रीन स्टील इकोसिस्टम और डी-कार्बनाइजेशन रोडमैप में कंपनी का योगदान महत्वपूर्ण रहा है
हजीरा-सूरत, गुजरात | फरवरी 05, 2026: आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (AM/NS India) इस्पात मंत्रालय की नई ग्रीन स्टील टैक्सोनॉमी के तहत ग्रीन स्टील सर्टीफिकेशन प्राप्त करने वाली देश की पहली एकीकृत इस्पात उत्पादक कंपनी बन गई है। AM/NS India के हॉट रोल्ड (HR) कॉयल्स और शीट्स को 4-स्टार रेटिंग तथा कोल्ड रोल्ड (CR) कॉयल्स और शीट्स को 3-स्टार रेटिंग प्रदान की गई है।
ये उत्पाद ऑटोमोटिव, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट और कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। अब इन्हें सरकार द्वारा प्रमाणित ग्रीन स्टील के रूप में आधिकारिक मान्यता प्राप्त हो गई है, जिससे ग्राहक अपनी वैल्यू चेन में स्कोप-3 तक के कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सक्षम होंगे।
ग्रीन स्टील सर्टीफिकेशन की पात्रता इस्पात उत्पादन की उत्सर्जन तीव्रता पर आधारित है, जिसमें तैयार इस्पात के प्रति टन 2.2 टन CO₂ समतुल्य (tCO₂e/tfs) से कम उत्सर्जन होना आवश्यक है। इस सीमा से कम उत्सर्जन वाले इस्पात को तीन-स्तरीय प्रणाली के अंतर्गत 3-स्टार, 4-स्टार या 5-स्टार ग्रीन स्टील रेटिंग दी जाती है।
मान्यता प्राप्त करने के लिए AM/NS India को नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ सेकेंडरी स्टील टेक्नोलॉजी (NISST) द्वारा की गई एक कठोर ऑडिट प्रक्रिया से गुजरना पड़ा, जिसमें कंपनी के प्रमुख फ्लैट स्टील पोर्टफोलियो के ग्रीन स्टील मानदंडों पर खरा उतरने की पुष्टि की गई।
इस अवसर पर श्री दिलीप ऊम्मेन, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO), आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (AM/NS India) ने कहा, “भारत की ग्रीन स्टील टैक्सोनॉमी इस्पात उद्योग के भविष्य और उसके डी-कार्बनाइजेशन के लिए एक स्पष्ट दिशा प्रदान करती है।
AM/NS India अपने निरंतर प्रयासों के माध्यम से कार्बन फुटप्रिंट को कम करते हुए लो-कार्बन स्टील का उत्पादन कर रही है, और यह नया फ्रेमवर्क हमारी इस प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। यह मान्यता हमारी उस प्रगति को दर्शाता है, जो लो-कार्बन प्रक्रियाओं और स्वच्छ ऊर्जा में किए गए निवेश पर आधारित है।
यह मान्यता हमारे मूल उद्देश्य—‘स्मार्टर स्टील्स, ब्राइटर फ्यूचर्स’—को प्रतिबिंबित करती है। यह उपलब्धि इस बात का भी प्रमाण है कि इस्पात उत्पादक राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों का समर्थन करते हुए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रह सकते हैं।”
AM/NS India की फ्लैट स्टील उत्पादों के लिए ग्रीन स्टील सर्टीफिकेशन प्राप्त करने की क्षमता मुख्य रूप से इसकी लो-कार्बन उत्पादन प्रोफ़ाइल पर आधारित है। कंपनी की लगभग 65% इस्पात निर्माण क्षमता प्राकृतिक गैस आधारित डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन (DRI) प्रक्रिया पर निर्भर है, जिससे कोयला-आधारित प्रक्रियाओं पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आई है। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 2015 के बाद से कार्बन उत्सर्जन तीव्रता में 35% से अधिक की कमी दर्ज की गई है।
कंपनी की उत्सर्जन प्रदर्शन क्षमता को नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण से और मजबूती मिली है, जिसमें AM ग्रीन एनर्जी द्वारा आंध्रप्रदेश के कर्नूल में विकसित लगभग 1 GW का हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट शामिल है। इस परियोजना ने वर्ष 2025 में गुजरात के हजीरा स्थित AM/NS India के प्रमुख संयंत्र को बिजली आपूर्ति शुरू कर दी थी।
दिसंबर 2025 में आर्सेलरमित्तल ने महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात में तीन अतिरिक्त नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में लगभग USD 0.9 बिलियन निवेश की योजना की घोषणा की थी, जिनसे उत्पन्न बिजली AM/NS India को आपूर्ति की जाएगी। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर भारत में आर्सेलरमित्तल की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता दोगुनी होकर 2 GW हो जाएगी।
इसके अतिरिक्त, AM/NS India गुजरात के भचाऊ में 550-MW का हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट विकसित कर रही है, जिसमें 300 MW सौर ऊर्जा और 250 MW पवन ऊर्जा शामिल है। इस परियोजना से प्रति वर्ष लगभग 0.9 मिलियन टन CO₂ उत्सर्जन की बचत होने की संभावना है।
मान्यता प्राप्त होने के बाद AM/NS India ने 4-स्टार रेटेड HR उत्पादों और 3-स्टार रेटेड CR उत्पादों का व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है। यह स्थानीय ग्राहकों को सरकार द्वारा प्रमाणित और विश्वसनीय ग्रीन स्टील विकल्प प्रदान करता है तथा भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ इस्पात उत्पादक के रूप में और सशक्त बनाता है।
वित्त वर्ष 2025 के दौरान AM/NS India ने राष्ट्रीय औसत की तुलना में 14% कम CO₂ उत्सर्जन तीव्रता हासिल की। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2021 के बेसलाइन की तुलना में वर्ष 2030 तक अपनी उत्सर्जन तीव्रता को 20% तक कम करना है।
