सूरत : 60 लाख रुपए का सोना लेकर फरार बुजुर्ग मैनेजर 13 साल बाद पकड़ा गया

बालाजी रियल एस्टेट के नाम से एक कार्यालय शुरू किया था

वर्ष 2002 से वे आनंदमहल रोड खोडियार नगर में गणेश रिफाइनरी के नाम से गोल्ड सिल्वर डिस्टिलेशन एंड रिफाइनरी चलाता था

सोनाचांदी  रिफाइनरी के एक बुजुर्ग प्रबंधक, जो सूरत में अडाजन, रांदेर और घोड़दोड रोड्स के ज्वेलर्स से 60 लाख रुपये से अधिक का सोना, एक कार और 5 लाख रुपये की नकदी के साथ, अपने तीन बेटों के साथ फरार हो गया था। 13 साल के बाद महाराष्ट्र के सांगली शहर से सूरत क्राइम ब्रांच ने उसे परिवार के साथ गिरफ्तार किया। फरार बुजुर्ग मैनेजर ने अपने घर में बालाजी रियल एस्टेट के नाम से ऑफिस खोलकर जमीन खरीदने-बेचने का धंधा शुरू किया था। 

अडाजन, रांदेर और घोडदौड रोड के ज्वेलर्स के पास से सोना लेकर हुए फरार


सूरत क्राईम ब्रान्च के फरार स्कवोर्ड के पीएसआई द्वारा प्राप्त सूचना के आधार पर शांताराम नामदेव पाटिल ( उम्र 60, निवास फ्लैट नंबर 9, तीसरी मंजिल, श्रीगणेश हाइट्स, माधवनगर रोड, जी. सांगली, महाराष्ट्र)  को गिरफ्तार किया गया था। सांगली में बालाजी रियल एस्टेट के नाम पर जमीन खरीद बिक्री का काम करने वाले शांताराम के खिलाफ  धोखाधड़ी की तीन शिकायतें वर्ष 2009 में अदाजन, रांदेर और उमरा में दर्ज की गई थीं। वह 13 साल से वांछित था। शांताराम अपने तीन बेटों संतोष, अविनाश और उमेश के साथ अडाजन आनंदमहल रोड खोडियारनगर सोसाइटी में अपने घर के नीचे श्रीगणेश रिफाइनरी के नाम से सोने और चांदी की रिफाइनिंग और रिफाइनिंग फैक्ट्री चलाता था।

अपने तीनों पुत्रों के साथ फरार शांताराम पाटिल ने अपने वतन सांगली में छुपा था


ज्वैलर्स राजेश सत्यनारायण शर्मा और रमेशभाई मंजीभाई पटेल, राजू प्रमोदभाई जानी और जयेश लक्ष्मणभाई पटेल, ज्वेलर्स के मालिक से 20 लाख रूपये का सोना, घोड़दौड रोड पोद्दार प्लाजा में पाटीदार ज्वैलर्स और अडाजन श्रीजी आर्केड में शुहासी ज्वेलर्स से 30 लाख रुपये का सोना। जेबी ज्वेलर्स के नाम से दुकान चलाने वाले बहादुर सिंह राजपूत ने 10 लाख रुपये का सोना, एक कार और 5 लाख रुपये नकद लिए और दो महीने में रुपये और सोना देने का वादा किया। दो महिनों के दौरान अपनी दुकान बेचकर परिवार के साथ सांगली फरार हो गया था। सांगली में बालाजी रियल एस्टेट के नाम से ऑफिस बनाया और जमीन को लीज पर देकर बेचने का धंधा शुरू किया क्राइम ब्रांच ने शांताराम की कस्टडी अडाजन पुलिस को सौंप दी है। 

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