सूरत : बीजेपी के स्नेह मिलन समारोह में कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन को लेकर कांग्रेस की शिकायत

जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करते कांग्रेसी कार्यकर्ता

भाजपा के स्नेहमिलन कार्यक्रम में कोरोना गाईडलाईन का उल्लंघन होने की शिकायत करने गए कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को जिला कलेक्टर कार्यालय में प्रवेश करने से पुलिस ने रोका

जिला कलेक्टर को शिकायत करने गए कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का पुलिस ने रोकने पर हुई धक्कामुक्की
सूरत भारतीय जनता पार्टी द्वारा कल वनिता विश्राम मैदान में एक पुनर्मिलन समारोह आयोजित किया गया था। कांग्रेस ने जिला कलेक्टर को आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। राज्य सरकार की नीति के अनुसार 400 से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं होने चाहिए। ऐसे दिशा-निर्देश कोरोना में संक्रमण को देखते हुए जारी किए गए हैं। लेकिन कल के कार्यक्रम से साफ है कि भारतीय जनता पार्टी पर ऐसा कोई नियम लागू नहीं होता। भाजपा नेताओं के बार-बार बयान देने के बावजूद कि हजारों लोग मौजूद होंगे, पुलिस ने कार्यक्रम को होने दिया। कोरोना गाईडलाईन का उल्लंघन करने पर भाजपा नेताओं पर शिकायत दर्ज कराने के लिए जिला कलेक्टर कार्यालय पर ज्ञापन देने आए  कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा रोके जाने पर हाथापाई हो गई। भाजपा के स्नेहमिलन कार्यक्रम में 30 हजार से अधिक लोग एकत्रित हुए होने के बावजुद पुलिस मुक प्रेक्षक बनी रही। साथ ही नगर निगम के अधिकारी भी सजावटी गांठ साबित हुए। अधिकारियों का आम जनता के साथ व्यवहार करना ताकि कोरोना दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। कोरोना की गाइड लाइन का आम जनता और छोटे व्यापारियों को परेशान करने के लिए बनाई गई लगती है। 
सूरत शहर कांग्रेस अध्यक्ष और नैषध देसाई ने कहा, हम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सी. आर. पाटिल सहित अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने गए थे। 
सूरत कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आवेदन पत्र सौंपते समय रोका गया और उमरा थाने के उप निरीक्षक एनवी चौधरी मैडम ने कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की और उन्हें धक्का दिया जिसके खिलाफ उमरा पुलिस निरीक्षक के पास भी शिकायत दर्ज कराई गयी। कांग्रेस अध्यक्ष नैषधभाई देसाई, उपाध्यक्ष हरीश कुमार सूर्यवंशी, प्रदेश प्रतिनिधि रोशनभाई मिश्रा और अशोकभाई कोठारी, भाषा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शशिभाई दुबे, वार्ड अध्यक्ष सुनल शेख और आधारभाई पाटिल, वरिष्ठ नेता जयेशभाई भट्ट , फिरोज मलिक, सफी जरीवाला, रायशा शेख और कई अन्य नेता मौजूद थे। 
जब हम केवल 15 लोग ही कलेक्टर को आवेदन पत्र सौंपने के लिए ऊपर जाने की तैयारी कर रहे थे, अधिकारियों ने केवल पांच लोगों को जाने की अनुमति देने पर जोर दिया। हमने अंदर जाने की कोशिश की तो अधिकारियों ने जिला सेवा भवन का गेट बंद कर दिया। यह दुखद है कि आज पदाधिकारी भाजपा की पूजा करते नजर आ रहे हैं। सीआर पाटिल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। क्योंकि पूरा कार्यक्रम उन्हीं के द्वारा आयोजित किया गया था। हम आगे कानूनी कार्रवाई करेंगे और कोर्ट भी जाएंगे। 

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