सूरत : वराछा में ब्रह्माकुमारीज द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सेमिनार आयोजित
“वात्सल्यपूर्ण शिक्षा प्रणाली” विषय पर शिक्षिकाओं को दिया गया मार्गदर्शन, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का भी सम्मान
वराछा स्थित ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विभिन्न विद्यालयों की महिला शिक्षिकाओं के लिए “वात्सल्यपूर्ण शिक्षा प्रणाली” विषय पर विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षिकाओं ने भाग लेकर शिक्षा में मूल्यों और संस्कारों के महत्व को समझा।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व महापौर अस्मिताबेन शिरोया, भाजपा सूरत शहर संगठन की मंत्री मायाबेन मावाणी, धन्वंतरी फार्म की अध्यक्ष ममताबेन लीलावाला, सरदार पटेल विद्यामंदिर की आचार्य मयूरीबेन पटेल तथा ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र की संचालिका प्रा. कु. जैमिनाबेन ठाकोर द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर कु. हस्ती ने नृत्य के माध्यम से सुंदर प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में उत्साह का वातावरण बनाया।
प्रा. कु. जैमिनाबेन ठाकोर ने शिक्षिका बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र का भविष्य गढ़ने वाला मार्गदर्शक होता है। उन्होंने बताया कि वात्सल्यपूर्ण शिक्षा प्रणाली तीन प्रमुख मूल्यों पर आधारित है—प्रेम और सहानुभूति, संस्कार एवं मूल्यों की शिक्षा तथा प्रेरणादायक वातावरण। जब शिक्षा में वात्सल्य, धैर्य और आध्यात्मिक दृष्टि का समावेश होता है, तब विद्यार्थी केवल बुद्धिमान ही नहीं बल्कि संस्कारी और जिम्मेदार नागरिक भी बनते हैं।

इसके बाद प्रा. कु. कविताबेन, प्रा. कु. शीतलाबेन, प्रा. कु. सोनलबेन और प्रा. कु. साक्षीबेन के नेतृत्व में प्रेरणादायक नारों के माध्यम से उपस्थित शिक्षिकाओं में उत्साह का संचार किया गया तथा उन्हें सकारात्मक संकल्प भी दिलाया गया।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को पवित्र खेस, स्मृति-चिह्न और प्रभु प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही खेलो इंडिया सेक्टर सूरत की टारगेट राइफल शूटिंग एकेडमी में अभ्यास कर पदक प्राप्त करने वाली प्रतिभाशाली बहनों का भी सम्मान किया गया।
राइफल शूटिंग में सूरत जिले की पहली गोल्ड मेडल विजेता काव्यिबा जिनाबाई निवेलवाड, सिल्वर मेडल विजेता मंजुलिका हेनी संवत्साई, ब्रॉन्ज मेडल विजेता बलर दीपाली राजुभाई तथा वडोदरा जिले में गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाली काव्यिबा प्रिन्सी हितेशभाई को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने प्रभु प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर लगभग 150 शिक्षिका बहनों ने भाग लेकर कार्यक्रम का लाभ उठाया।
