सूरत : RT-PCR रिपोर्ट आने में हो रही देरी पर कलेक्टर-कमिश्नर ने सरकारी अस्पतालों पर तरेरी आंखें

कोरोना की जांच में जुटे मेडिकल स्टाफ

कोरोना जांच रिपोर्ट आने में चार-पांच दिन का समय लग रहा था

सूरत में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बुधवार को कोरोना महामारी के अब तक समयकाल का एक दिन में सर्वाधिक केस का रिकॉर्ड टूटा और 2700 से भी अधिक पोजीटीव केस आये। बढ़ती महामारी के बीच सूरत जिला कलेक्टर और महापालिका आयुक्त हो जब ये पता चला कि सरकारी अस्पतालों में आरटी-पीसीआर रिपोर्ट आने में काफी देरी हो रही है, तो वे खफा हो गये और उन्होंने अपनी आंखें तरेरीं। 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दोनों आला अधिकारियों ने सूरत सिविल अस्पताल और स्मीमेर अस्पताल में आरटी-पीसीआर के लिये दिये जाने जाने वालू नमूनों की रिपोर्ट चार से पांच दिनों में आने की शिकायत पर संबंधित वि‌भाग के डॉक्टरों और कर्मचारियों को लताड़ लगाई। प्रश्न किये जाने पर जवाब मिला कि अधिक नमूनों का बैकलॉग हो गया है इसलिये रिपोर्ट आने में देरी हो रही है। इस पर अधिकारियों ने चेतावनी भरे अंदाज में सूचना दी है कि विभाग को सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं और कोरोना जांच रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर आ जानी चाहिये। 
अधिकारियों की चिंता यह थी कि यदि रिपोर्ट आने में अधिक समय लगता है तो इतनी समयावधि में तो संक्रमित व्यक्ति अन्य कितने ही लोगों को बीमार कर सकता है। बता दें कि शहर में निजी प्रयोगशालाओं में भी आरटी-पीसीआर टेस्ट हो रहे हैं और वहां फिलहाल 24 घंटों के भीतर रिपोर्ट मिल रही हैं। मेडिकल स्टोरों से कोरोना जांच किट लेकर लोग भी स्वयं कोरोना टेस्ट करके इलाज करा रहे हैं। यद्यपि इन जांच किट के माध्यम से कितने लोग कोरोना संक्रमित पाये जा रहे है इसको लेकर सही जानकारी का अभाव है। चुंकि इस बार संक्रमण अधिक गंभीर नहीं होने के कारण लोग चार-पांच दिनों में घर पर ही इलाज करा कर ठीक हो रहे हैं। लेकिन आला अधिकारी कोई जोखिम मोल लेना नहीं चाह रहे हैं।

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