सूरत : आग के बाद जीपीसीबी की कार्रवाई में अनुपम केमिकल कंपनी बंद की , 1 करोड़ रुपये का जुर्माना

सचिन जीआईडीसी स्थित अनुपम केमिकल कंपनी

सूरत के सचिन जीआईडीजी स्थित अनुपम केमिकल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में 10 सितंबर को भीषण आग से पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ था, डीजीवीसीएल को बिजली आपूर्ति कांटने का आदेश

सूरत के सचिन जीआईडीजी स्थित अनुपम केमिकल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में 10 सितंबर को आग लगी थी । इस आग में 5 लोगों की मौत हो गई। निर्दोष लोगों की जान लेने वाली आग के बाद कंपनी को बंद कर दिया गया है और पर्यावरणीय क्षति के लिए 1 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही डीजीवीसीएल ने बिजली आपूर्ति बंद कर दी है।

पर्यावरणीय क्षति के लिए दंड, पानी और बिजली आपूर्ति बंद की गयी 


जीपीसीबी के अधिकारी जिज्ञासाबेन के मुताबिक अनुपम केमिकल में आग लगने के बाद पर्यावरण को हुए नुकसान की वजह से एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जीपीसीबी मानकों के अनुसार पर्यावरणीय क्षति के कारण वैधानिक सर्वेक्षण के बाद जुर्माना लगाया गया था।दक्षिण गुजरात बिजली कंपनी ने 19 सितंबर को बिजली आपूर्ति काट दी थी। जबकि सचिन जीआईडीसी द्वारा 17 सितंबर से जलापूर्ति बंद कर दी गई है 

अनुपम केमिकल कंपनी में लगी आग में पांच लोगों ने जान गंवाई थी


सचिन जीआईडीसी, सूरत में कई रासायनिक निर्माण कंपनियां काम कर रही हैं। अनुपम केमिकल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। जिस समय आग लगी उस समय कर्मचारी कंपनी में काम कर रहे थे। आग काफी हद तक फैल चुकी थी। दमकल विभाग की सूचना के बाद दमकल की 30 से ज्यादा गाड़ियां मौके पर पहुंचीं थी। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

इस आग दुर्घटना में 20 लोग घायल हुए थे 


अनुपम केमिकल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने बताया कि 10 सितंबर 2022 को सचिन जीआईडीसी स्थित हमारे प्लांट में आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। कंपनी की यूनिट-6 के एक मैन्युफैक्चरिंग ब्लॉक में आग लग गई। हमारी फायर रिस्पांस टीम और स्थानीय फायर ब्रिगेड ने एक घंटे के भीतर आग पर काबू पा लिया। एक विशेष टीम आग की घटना के कारणों की जांच कर रही है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 5 लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए।

केमिकल होने के कारण आग तेजी से फैली


अनुपम रसायन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पास बड़ी मात्रा में रसायन थे और आग बहुत तेजी से फैल गई। ज्वलनशील रसायनों के इस्तेमाल के कारण आग पर भी काबू पाना मुश्किल था। फैक्ट्री में केमिकल के ड्रम भरे होने के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। एक के बाद एक केमिकल के ड्रम फटने से भय का माहौल बना हुआ था। मृतकों के नाम इस प्रकार है। अंकुर सुरेश भाई पटेल- 33 वर्ष, प्रभात धर्मेंद्र झा- 23 साल, राकेश चौधरी- 37 वर्ष, संजय गोविंद सोरा- 28 साल, जयराज सिंह ठाकुर

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