सूरतः अमरोली और छापराभाठा स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही सिर्फ 25 मिनट में सामने आ गई

अलग-अलग रिपोर्ट आने पर स्वास्थ्य केन्द्रों की लापरवाही सामने आई

दो अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों में सब्जी विक्रेताओं की कोरोना की रिपोर्ट भी अलग, एक पॉजीटिव तो दूसरी निगेटिव

सूरत में एक सब्जी विक्रेता का कोरोना रिपोर्ट एक जगह पर पॉजीटिव तो दूसरी जगह पर निगेटिव आने से चर्चा का विषय बन गया है।  इतना ही नहीं बल्कि दो अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर अलग-अलग रिपोर्ट मिलने के बाद, नगर पालिका के स्वास्थ्य केंद्रों में चल रही लापरवाही  उजागर हुई है। देवेंद्र नाम के एक सब्जी विक्रेता ने आखिरकार मामले में न्याय की गुहार लगाकर मनपा आयुक्त को जगाने की कोशिश की।
एक सामाजिक कार्यकर्ता  ने कहा कि यह बहुत दुखद है, एक तरफ पूरा देश महामारी से जूझ रहा है, प्रधानमंत्री मोदी टीका के लिए जागरूकता बढ़ा रहे हैं। ऐसी स्थिति में, रैपिड टेस्ट रिपोर्ट में ऐसी लापरवाही चल रही है। अमरोली और छापराभाठा स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही सिर्फ 25 मिनट में बाहर आ गई है। कुछ गैर-जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि शुक्रवार सुबह अमरोली मानसरोवर सब्जी मंडी में व्यापार कर रहे जितेंद्र देवरे  को नगरपालिका के कर्मचारियों ने रिपोर्ट कराने के लिए समझाया था। जिससे जीतेन्द्र  परीक्षण कराने के लिए पास के अमरोली स्वास्थ्य केंद्र गए। मास्क छोड़ा नीचे करते ही ड्यूटी पर मौजूद एक महिला कर्मचारी भड़क गई और कहा कि  अब तुझे कोविड में ही डालती हूं। मास्क क्यों नीचे किया कहकर धमकी दी थी।  इसके बाद रिपोर्ट पॉजीटिंव आने पर 14 दिनों के लिए होम कोरोन्टीन रहने को कहा, जिससे प‌रिवार में भय का माहौल हो गया था। सब्जी विक्रेता ने आखिरकार न्याय की गुहार लगाकर नगर निगम आयुक्त को जगाने की कोशिश की है।
उन्होंने आगे कहा कि जितेंद्र ने मुझे इस घटना के बारे में बताया इसलिए मैंने तुरंत उन्हें छापराभाठा स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। जहां रिपोर्ट कराया तो  निगेटिव आई। मात्र 25 मिनट के भीतर ली गई दूसरी  रिपोर्ट, निगेटिव आने पर  स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले लोगों के साथ कोई खेल खेली जा रही हो ऐसा प्रतीत होती है। हालांकि, वर्तमान में जितेंद्रभाई मानसिक तनाव से बाहर आ गए हैं और आराम कर रहे हैं।

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