सूरत : शहर-जिले में मंगलवार को नए 04 लोगों का रिपोर्ट पॉजीटिव , 07 हुए डिस्चार्ज

सूरत में कोरोना की जांच करते स्वास्थकर्मी

सूरत शहर में मंगलवार को कोरोना के नए मात्र ४ मामले सामने आए जबकी ७ मरीज अस्पताल से स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए, अभी भी ५९ मरीज कोरोना के एक्टीव केस है।

अब तक कुल संक्रमित 143427, स्वस्थ हुए 141254 और एक्टीव मरीज की संख्या 59
सूरत शहर और ग्रामीण क्षेत्र में अब कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के आंकडों में उल्लेखनीय कमी दर्ज होने के साथ डिस्चार्ज मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। शहर-जिले में मंगलवार को नए 04 कोरोना संक्रमित मरीजों का रिपोर्ट पॉजिटिव आया और 07 मरीज डिस्चार्ज हुए। अभी तक शहर तथा ग्रामीण क्षेत्र से कुल 1,43,427 मरीज कोरोना संक्रमित हुए। मंगलवार को शहर जिले में एक भी कोरोना मरीज की मौत नही हुई। अब तक शहर जिले में कुल 2114 की मौत हुई और 1,41,254 मरीज अस्पताल से स्वस्थ होकर घर लौटे हैं। शहर जिले में 59 एक्टीव कोरोना मरीज अस्पताल तथा होम कोरोन्टीन फेसीलीटी में चिकित्सा ले रहे है। 
मंगलवार को सूरत शहर में नए 04 मरीजों के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 1,11,348 हुई। मंगलवार को शहर में कोरोना से एक भी मरीज की चिकित्सा के दौरान मौत नही हुई। अभी तक शहर में कोरोना से 1629 मरीजों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को कोरोना संक्रमित नए 05 मरीज कोरोना को मात देकर स्वस्थ हुए। अब तक शहर में से 109670 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 
मंगलवार को नए 04 कोरोना संक्रमित मरीजों में रांदेर जोन से 02, अठवा जोन से 01, सेन्ट्रल जोन से 00,  कतारगाम जोन से 01, वराछा-ए जोन से 00, वराछा-बी जोन से 00, उधना जोन से 00, लिंबायत जोन से 00  नए मरीजों का समावेश है। 
जोन वाईज अब तक कुल संक्रमित मरीजों के बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि सबसे अधिक मरीज अठवा जोन में 22865 कोरोना संक्रमित मरीज है, रांदेर जोन में 20865 कतारगाम जोन में 15433, लिंबायत जोन में 10701, वराछा-ए जोन में 10861, सेन्ट्रल जोन में 10377, वराछा बी जोन में 10163 और सबसे कम उधना जोन में 10083 कोरोना संक्रमित मरीज है। इसी के साथ अब तक शहर में 1629 लोगों की और ग्रामीण क्षेत्र से 485 लोगों की मौत हुई है। शहर जिले में सरकारी निजी अस्पताल तथा होम कोरोन्टीन में 59 लोग कोरोना की चिकित्सा ले रहे है। कोरोना संक्रमण में कमी के साथ सिविल और स्मीमेर अस्पताल में उपचार प्राप्त करने वाले रोगियों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आयी है। 

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