राजकोट : 'मुख्यमंत्री महिला उत्कर्ष योजना' के तहत राजकोट जिला सखी मंडल के 135 समूहों को ब्याज मुक्त ऋण सहायता दी गई

सखी मंडल के 135 समूहों को ब्याज मुक्त ऋण सहायता दी गई

83 लाख निवेश और रिवॉल्विंग फंड और स्टार्ट-अप फंड भी एनायत किया गया

लगभग 3500 ग्रामीण महिलाएं अपने परिवार का आर्थिक रूप से समर्थन करने में सक्षम हैं
 भातीगल कला एवं घरेलू सामान के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की सहायता के उद्देश्य से जिला ग्रामीण विकास एजेंसी द्वारा सखी मंडल की बहनों को ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जाता है। बुधवार को "महिला गौरव दिवस" ​​के अवसर पर "मुख्यमंत्री महिला उत्कर्ष योजना" के तहत, राजकोट जिले के सखी मंडल के 135 समूहों को 1 करोड़ 35 लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया गया है। इसके अलावा रु. 83 लाख इन्वेस्टमेन्ट रिवॉल्विंग  फंड तथा  स्टार्ट-अप  सखी मंडल को एनायत किया गया है।
इसकी जानकारी देते हुए डीआरडीए  निदेशक जे. के. पटेल ने कहा कि सखी मंडल की महिलाओं के उत्थान के लिए राज्य सरकार उन्हें प्रशिक्षण, धन के साथ-साथ बिक्री के लिए मेले भी उपलब्ध कराती है। वर्तमान में उन्हें 1 लाख रुपये की ऋण सहायता मिली है, उस पर कोई ब्याज नहीं देना है, यह ब्याज राज्य सरकार द्वारा भुगतान किया जाता है। इतना ही नहीं एक वर्ष में ऋण चुकौती पूर्ण करने वाले सखी मंडल को दूसरे वर्ष में 1.5 लाख रुपये और तीसरे वर्ष में 3 लाख रुपये की ऋण सहायता दी जाती है।
सखी मंडल की विभिन्न गतिविधियों के बारे में वीरेन्द्र बसिया ने कहा कि आम तौर पर महिलाएं गृह उद्योग चलाती हैं। जिसमें वे अचार, छास मसाला, भाकरी, पापड़, सिलाई, डेयरी, , तेल आदि सहित विभिन्न वस्तुओं का उत्पादन और बिक्री करती हैं। उन्होंने कहा ‌कि महिलाएं गतिविधि के साथ एक आर्थिक रुप से मजबूत बनकर सावभिमान पूर्वक जीवन जीते हुए  अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करती हैं। बुधवार को गोंडल तालुका पंचायत और पाटनवाव डूंगर प्रवास धाम में, सखी मंडल की बहनों द्वारा संचालित दो कैंटीनों का उद्घाटन गणमान्य व्यक्तियों द्वारा किया गया।

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