राजकोट : वर्ल्ड ग्लूकोमा वीक पर राजकोट के जी.टी. सेठ आई हॉस्पिटल में जागरूकता कार्यक्रम

डॉक्टरों ने कहा—ग्लूकोमा से पीड़ित 65 प्रतिशत मरीजों को बीमारी का पता ही नहीं चलता, 40 वर्ष के बाद नियमित आंखों की जांच जरूरी

राजकोट : वर्ल्ड ग्लूकोमा वीक पर राजकोट के जी.टी. सेठ आई हॉस्पिटल में जागरूकता कार्यक्रम

विश्वभर में 8 से 14 मार्च तक मनाए जा रहे ‘वर्ल्ड ग्लूकोमा वीक’ के तहत राजकोट के जी.टी. सेठ आई हॉस्पिटल में विशेष डायग्नोसिस और अवेयरनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्लूकोमा जैसी गंभीर आंखों की बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना था, जो समय पर पहचान न होने पर आंखों की रोशनी को स्थायी रूप से प्रभावित कर सकती है।

कार्यक्रम के दौरान डॉक्टरों की टीम ने मरीजों की आंखों की जांच की और उन्हें नियमित रूप से आंखों की जांच करवाने के लिए मार्गदर्शन दिया। पीडीयू मेडिकल कॉलेज, राजकोट के विभागाध्यक्ष डॉ. कमलसिंह डोडिया के मार्गदर्शन में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हरेश गढ़िया और डॉ. नीति सेठ के साथ डॉ. फाल्गुनी, डॉ. अंजलि और डॉ. हीना की टीम ने कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई।

हॉस्पिटल के डॉक्टरों के अनुसार, आंखों के विभाग में प्रतिदिन जांच के लिए आने वाले 200 से 300 मरीजों में से लगभग 10 प्रतिशत मरीज ग्लूकोमा से प्रभावित होते हैं। चिंताजनक बात यह है कि इनमें से करीब 65 प्रतिशत मरीजों को यह पता ही नहीं होता कि वे इस बीमारी से पीड़ित हैं। डॉक्टरों ने बताया कि ग्लूकोमा ‘आइसबर्ग’ की तरह होता है, जो बाहर से कम दिखाई देता है, लेकिन अंदर ही अंदर आंखों की नसों को गंभीर नुकसान पहुंचाता रहता है और समय पर उपचार न मिलने पर स्थायी दृष्टि हानि का कारण बन सकता है।

विशेषज्ञों ने सलाह दी कि 40 से 45 वर्ष की उम्र के बाद सभी लोगों को नियमित रूप से आंखों की जांच करवानी चाहिए, क्योंकि यह बीमारी कई बार आनुवंशिक भी हो सकती है। हालांकि ग्लूकोमा से हुई क्षति को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन समय पर पहचान होने पर आगे होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है।

डॉक्टरों ने लोगों को चेतावनी दी कि बिना चिकित्सकीय सलाह के आंखों में किसी भी प्रकार की ड्रॉप का उपयोग नहीं करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि जी.टी. सेठ आई हॉस्पिटल में ग्लूकोमा के लिए आधुनिक उपचार, लेजर सुविधा और आवश्यकता पड़ने पर सर्जरी की व्यवस्था भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।

Tags: Rajkot