राजकोट : स्वामीनारायण गुरुकुल के 75 वर्ष पूर्ण होने पर अमृत संकल्प समारोह का हुआ आयोजन

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने नए छात्रावास का भूमिपूजन किया

आधुनिक उपभोक्तावादी युग में भारतीय वैदिक संस्कृति का सिचंन करती गुरुकुल संस्थाओं का राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान : राज्यपाल आचार्यदेव व्रत

देशभर में चल रहे 280 से अधिक कार्यरत गुरुकुलों की मातृ संस्था ने राजकोट में स्वामीनारायण गुरुकुल संस्था के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित ''अमृत संकल्प समारोह'' में उपस्थित महीमहीम राज्यपाल आचार्य देवव्रत के कर कमलों से गुरुकुल के नये छात्रावास का भूमिपूजन किया गया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत  ने स्वामी नारायण गुरुकुल की सराहना करते हुए कहा ‌कि आधुनिक  उपभोक्तावादी युग में भारतीय वैदिक संस्कृति के संस्कारों का सिंचन कर रही  स्वामीनारायण गुरुकुल की भारतीय संस्कृति के निर्माण में  अमूल्य योगदान रहा है। प्राचीन काल से भारत वर्ष में भारतीय संस्कृति का जतन एवं संवर्धन के लिए कार्यरत गुरुकुल परंपरा का वर्णन करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सुसभ्य समाज का निर्माण एवं विद्यार्थियों में चारित्रिक गुणों एवं कौशल्य सिंचन के साथ समाज के उपयोगी होने के जीवन के ध्येय को समर्पित नागरिकों का निर्माण हाल में भी कर रहे हैं जो अभिनंनदनीय है। 
आज राजकोट में बालिकाओं के लिए प्रथम गुरुकुल प्रारंभ करने के संकल्प के साथ उद्योगपति धीरुभाई कोटडिया के 51 लाख रुपये के योगदान को सराहा। इस कार्य से  राष्ट्र की माताएँ और बहनें भी भारतीय संस्कृति के उच्च मूल्यों को विकसित कर भारतीय संस्कृति और  भारतीय परंपरा एवं संस्कृति का जतन एवं संवर्धन  करने का काम करेंगी। 
आचार्य देवव्रतजी संस्था की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर अमृत संकल्प महोत्सव मोनोग्राम के शुभारंभ के साथ, राष्ट्र के निर्माण में वित्तीय, सामाजिक कल्याण और शैक्षिक योगदान देकर समाज के लिए ऋण चुकाने के लिए तैयार रहने की सभी से अपील की। राज्यपाल देव व्रत ने संस्था की मुलाकात लेकर संस्था की कार्यो पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही 5 लाख 51 हजार रुपये के अनुदान की घोषणा की गई। उन्होंने संस्थान के नए छात्रावास की भूमिपूजन के साथ गौमाता की पूजा भी की।
इस अवसर पर महंत धर्मवल्लभदासजीस्वामी ने स्वामी नारायण संप्रदाय द्वारा संचालित गुरुकुल संस्थानों के कार्य और उद्देश्य का वर्णन किया और अब तक 1 लाख 75 हजार से अधिक छात्रों को उच्च शिक्षा प्रदान करने का गौरव बताया। अमृत संकल्प महोत्सव के तहत वर्ष भर आयोजित होने वाली विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। 

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