गुजरात : अगले महीने से जंत्री की दरें बढ़ने की लग रही अटकलें

प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo : IANS)

घटते राजस्व को सहारा दे सकती है बढ़ी हुई जंत्री, मार्च के महीने में प्रोपर्टी की रजिस्ट्री के लिये लगती लंबी कतारें

कोरोना काल के दौरान राज्य सरकार की आवक में कमी होने के कारण राज्य सरकार ने वैकल्पिक स्त्रोतों पर अपनी नजर दौड़ाई है। जिसके चलते आगामी महीने से राज्य में सभी महानगरों में जंत्री(प्रोपर्टी की पूर्वनिर्धारित सरकारी दर) की कीमत बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है। जंत्री की नई दरें 1 अप्रैल से लागू हो संकती हैं। 
इसके पहले 2011 में जारी की थी जंत्री
गुजरात में इसके पहले वर्ष 2011 में जंत्री की नई दरें लागू की गई थीं। 10 साल के बाद फिर से नई जंत्री की दरें लागू होंगी। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी इस बारे में राज्य सरकार पर टिप्पणी की गई थी।
आपको बता दें कि 2 साल पहले राज्य सरकार ने सर्वे करवाया था। इसी सर्वे को आधार बनाकर अब राज्य सरकार जमीन की कीमत बढ़ाने को सोच रही है। इसके पहले भी राज्य सरकार ने जंत्री बढ़ाने का प्रयास किया था, तब अहमदाबाद से जुड़े साणंद आदि कई ग्रामीण क्षेत्रों में इसका विरोध हुआ था और यह कीमतें अवास्तविक होने की दलील देकर इसका बहिष्कार किया गया था। तब सरकार ने 50% कीमत घटाकर कीमतें लागू की थी।
मार्च महीने में बढ़ जाती हैं रजिस्ट्री की संख्या
जंत्री की नई कीमतें लागू करना राज्य सरकार के लिए हमेशा सिर दर्द का विषय रहा है। बताया जा रहा है कि नई जंत्री में जमीन की कीमतें बढ़ सकती हैं। सामान्य तौर पर मार्च महीने में जमीन की रजिस्ट्री की संख्या बढ़ जाती है और लोगों की लंबी लाइनें लगती हैं। मार्च महीने में रजिस्ट्रार कार्यालय में लोगों की भीड़ बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

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