गुजरात : भारतीय नौसेना की पोरबंदर टीम की त्वरित प्रतिक्रिया एवं सराहनीय कार्य

भारतीय नौसेना की पोरबंदर टीम

कलेक्टर अरुण महेश बाबू लोधिका तालुका के छपरा गाँव में कार और उसमें यात्रा करने वाले व्यक्तियों को खोजने की प्रशंसा की

गत 13 सितंबर को भारी बारिश के कारण राजकोट जिले के  नदियों में आई बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की।  कलेक्टर अरुण महेश बाबू ने लोधिका तालुका के छपरा गाँव में काम कर रहे पोरबंदर नेवी की मंजूरी और गोताखोरी टीम के काम की सराहना की, जो नदी में फंसी कार और उसमें यात्रा करने वाले व्यक्तियों को त्वरित प्रतिक्रिया के साथ ढूंढा।
घटना के विवरण के अनुसार, 13 तारीख को हुई भारी बारिश के बाद राजकोट जिले की विभिन्न नदियों में बाढ़ की तरह पानी  बह रहा था। राजकोट के व्यवसायी और पेलिकन कंपनी के मालिक किशनभाई शाह, ड्राइवर एवं अन्य व्यक्ति राजकोट जिले के लोधिका तालुका में छपरागाम से गुजर रहे थे।  लेकिन बहाव तेज होने के कारण फंस गये। घटना की जानकारी होने के बाद कलेक्टर अरुण महेश बाबू ने तत्काल एक्शन लेते हुए इंडियन नेवी के गुजरात एरिया के फेलग ऑफिसर रीयर एडमिरल पुरुविर दास को मदद के लिए टीम की मांग की थी। सूचना मिलते ही  पोरबंदर नेवी के चीफ डाइविंग क्लीयरेंस और डाइविंग टीम को तुरंत राजकोट भेजा गया।
19 सदस्यीय टीम दोपहर 12 बजे राजकोट पहुंची। 14 सिंतबर को सुबह 6 बजे मौके पर पहुंची और प्रांत अधिकारी  वीरेंद्रभाई देसाई के मार्गदर्शन में कारों और उनके उपकरणों के साथ फंसे लोगों को खोजने के लिए तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया। रस्सी से एक विशेष प्रकार के हुक की व्यवस्था की गई और पहले कार और फिर किशनभाई शाह के मृत शरीर को आधुनिक तकनीक से निकाला गया। कलेक्टर  अरुण महेश बाबू ने फंसे हुए कार और व्यक्ति की तलाश में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए पोरबंदर नौसेना की मंजूरी और गोताखोरी टीम के काम की सराहना की।

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