गोडादरा में दोहरे हत्या के आरोपी को अंतिम श्वास तक जेल

दो लाख की पैनल्टी, दोनो मृतकों की विधवा को बांट देने का निर्देश

पांच साल पहले गोडादरा में दुकानदार से हफ्ता लेने के मामले में दो निर्दोष लोगों की हत्या करके एक जन को गंभीर रूप से घायल करने वाले आरोपी को कोर्ट ने अंतिम सांस तक सख्त कैद और 2 लाख रूपए की दंड की सजा सुनाई है। गोड़ादरा क्षेत्र के पटेल नगर में पान की दुकान चलाने वाले सुनील तेज बहादुर राजपूत के पान के गले पर 15 अप्रैल 2016 के रोज अजय सिंह पारसनाथ सिंह राजपूत ने 1000 रूपए हफ्ता मांगा था, लेकिन सुनील ने इंकार कर दिया जिससे कि अजय सिंह ने चाकू से उसकी छाती, हाथ और पांव पर हमला कर दिया। 
सुनील अपनी जान बचाने के लिए उसे धक्का मार कर भाग गया। जिससे कि गुस्से में अजय सिंह ने चक्कू लेकर उसे दौड़ाया और भारद्वाज नगर सोसाइटी में दौड़ते दौड़ते सब को मार डालूंगा कहकर सुनील का पीछा करने लगा। घर के सामने बैठे लाल बहादुर रामरति राजपूत, धर्मराज राम निहोर राजभर तथा शिकायतकर्ता डब्लू छेदी लाल राजभर पर हमला करके घायल कर दिया। जिसमें की छेदीलाल के अलावा बाकी दो की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में अजय सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर लिया था। 5 साल से यह मामला कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट ने सभी बातों को ध्यान में रखते हुए तथा शिकायतकर्ता के वकील की दलीलों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को तमाम आरोपों में कसूरवार पाया। आरोपी को जिंदगी के अंतिम सांस तक सख्त कैद और 2 लाख रूपए दंड की सजा दी है। दंड भरने पर मृतक लाल बहादुर तथा धर्मराज की पत्नी को एक-एक लाख चुकाने को कहा है।
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo : IANS)

कोर्ट ने कहा कि यह आरोपी समाज में लोगों को डराने धमकाने के लिए और अपनी धाक जमाने के लिए कुछ भी कर सकता है, इसे समाज में खुला रखना न्याय के लिए उचित नहीं है। ऐसे लोग समाज में नहीं रहने चाहिए। इन पर नियंत्रण रखना जरूरी है। आरोपी अजय सिंह राजपूत के परिचितों ने कोर्ट की कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता के गवाहों को अपने पक्ष में करने के लिए लालच भी दिया था और उन्हें कोर्ट में सबूत देने से भी रोका था। 23 जुलाई 2018 के रोज जब शिकायतकर्ता कोर्ट में गवाही देने आया तो आरोपी के परिचितों में से सुशील कुमार गौतम ने अपनी मूछें चढ़ाई थी जिससे कि कोर्ट ने सुशील कुमार तथा विजय को विनय कुमार के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को निर्देश दिए। चोटिल सुनील राजपूत ने आरोपी के भाई के डर से कोर्ट में गवाही देने से इनकार किया।  कई लोगो ने डर के मारे गवाही नहीं दी थी। दौरान आरोपी के भाइयों ने मृतक की विधवा को कुछ नहीं देंगे ऐसा कहा तब साक्षी ने आरोपी के खिलाफ तमाम सबूत दिए।

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