कोरोना के कठिन काल में भी लोग उठा रहे है गरीबों का लाभ, निजी एम्ब्युलेंस और ऑक्सीज़न की कीमतों में हुआ भारी भरकम इजाफा

पल्स ओक्सीमीटर और फलों की कीमत में भी हुआ दोगुना इजाफा, आम प्रजा हुई त्रस्त

देशभर में कोरोना वायरस का संकट फैला हुआ है। ऐसे में जहां एक ओर सरकार मरीजों को बचाने में लगी है, वही दूसरी तरफ महामारी के इस समय में भी कई लोग कालाबाजारी करने से बाज नहीं आ रहे। कोरोना के इस काल में जामनगर में कई सेवा कैंप मरीजों की सेवा करने में आगे आए हैं। ऐसे में काफी लोग आम प्रजा की मजबूरी का फायदा उठाने से भी पीछे नहीं हाथ रही है। कई असामाजिक तत्वों द्वारा चीजों की कालाबाजारी की जा रही है। जिसके चलते कई चीजों की कीमत में इजाफा देखने मिल रहा है। 
प्रतिकात्मक तस्वीर
फिलहाल बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के कारण ऑक्सीजन की डिमांड काफी ज्यादा हो चुकी है। एक समय जहां 25 किलो का सिलेंडर का भाव ₹250 था, वह अब बढ़कर ₹350 हो गया है। इसके अलावा 50 किलो ऑक्सीजन के सिलेंडर की कीमत ₹460 से बढ़कर ₹550 हो गई है। फिलहाल जामनगर में राजकोट, मोरबी, ध्रोल, जूनागढ़ और पोरबंदर से आने वाले मरीजों की संख्या काफी ज्यादा है। कोरोना महामृ के पहले जामनगर से राजकोट और मोरबी आने-जाने के लिए निजी अस्पताल ₹2000 लेती थी, पर महामारी के इस समय में यह रकम बढ़ाकर 7 से 8 हजार रुपए कर दी गई है। इसके अलावा जामनगर शहर के आसपास से छोटे ग्राम में विस्तार के लिए निजी एम्ब्युलेंस के जो भाव पहले ₹400 से ₹500 तक थे, वह अब बढ़कर ₹1100 से ₹2000 हो गए हैं। कोरोना के इस काल में पल्स ओक्सीमीटर की कीमतों में भी काफी इजाफा देखने मिल रहा है। कोरोना की पहली लहर के दौरान ₹850 में मिलने वाला पल्स ओक्सीमीटर की कीमत अब ₹1500 तक पहुँच गई है। इसके अलावा यदि अच्छी क्वालिटी का पल्स ओक्सीमीटर लेने जाओ तो वह ₹2500 में मिलता है। 

इसके अलावा महामारी के समय में फलों की कीमतों में भी काफी इजाफा हुआ है। महामारी के समय शरीर को स्वस्थ रखने के लिए डोकटरों द्वारा सभी को अधिक से अधिक फल का सेवन करने की सलाह दी जा रही है। जिसके चलते फलों की डिमांड भी काफी बढ़ी है। फलों की डिमांड बढ्ने के कारण इसकी असर उनकी कीमतों में भी काफी फर्क पड़ा है। महामारी के पहले मोसंबी के भाव जो ₹80 से ₹100 किलो थे, वह अब ₹130 से ₹150 हो गए हैं। पहले ₹80 से ₹90 में मिलने वाले संतरे का भाव आज ₹150 हो गया हैं। इसके अलावा जो नारियल पहले ₹30 से ₹40 में मिलते थे, आज वह ₹80 में मिल रहे हैं। इसके अलावा सेब की कीमतों में भी काफी ज्यादा इजाफा आ गया है, फिलहाल ₹100 में मात्र 3 सेब मिल रहे हैं। इस तरह कोरोना महामारी के बीच भी लोगों की कालाबाजारी करने की कीमत आम जनता को भुगतनी पड़ रही है। 

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