नई सिविल के मरीजों को रामधुन के सहारे मानसिक शांति पहुंचाने का किया जा रहा प्रयास

(Photo Credit : khabarchhe,com)

मरीजों की मानसिक स्थिति को ठीक करने और महामारी से लड़ने की हिम्मत दिलाने किए जाएँगे विभिन्न कार्यक्रम

राज्य में कोरोना के केसों के कारण सभी मरीजों की हालत काफी ज्यादा खराब है। अस्पताल में भर्ती मरीज शारीरिक रूप से तो परेशान है ही पर साथ में मानसिक रूप से भी उनके दिमाग पर कोरोना का डर लगा हुआ है। कहते है की यदि मनोबल मजबूत हो तो कुछ भी हांसील किया जा सकता है। ऐसे में कोरोना के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों का मनोबल बढ़ाने के लिए और उनकी मानसिक स्थिति सही करने के लिए सिविल में एक अनोखी पहल "हौंसला" शुरू की गई है। जिसमें डिस्ट्रेसिंग टीम द्वारा नई सिविल के कोविड हॉस्पिटल में रामधुन और भजन कीर्तन शुरू किया गया था। जिसके चलते मरीज अपना दर्द भूल कर रामधुन में सहभागी हुये थे। 
सरकारी मेडिकल कॉलेज के डिन डॉ. ऋतुभंरा महेता ने कहा की स्टाफ के साथ-साथ मरीजों का मनोबल भी बढ़े, महामारी के खिलाफ लड़ने की हिम्मत आये इस कारण कई तरह की मनोचिकित्सक काउनसेलिंग, संगीत थेरापी, विभिन्न धार्मिक प्रवचन, हास्य थेरापी जैसे विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसी अंतर्गत रामनबमी के त्योहार पर भजन सत्संग और रामधुन का आयोजन किया गया था। इससे उन्हें आशा है की मरीजों के साथ-साथ डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के मानस पर भी सकारात्मक असर दिखाई देगा। आगे बात करते हुये उन्होंने कहा की सभी मरीज जल्द से जल्द स्वस्थ हो और रोगमुक्त बने ऐसे प्रयासों के लिए सिविल तंत्र लगातार प्रयासरत है। 

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