भरूच: दहेज के पोर्ट पर पकड़ा गया एक जासूस कबूतर, जाँच में लगी सुरक्षा एजेंसियां

(Photo Credit : watchgujarat.com)

सिंगापुर में चल रहे आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े होने की संभावना

भरूच के दहेज इंडस्ट्रियल एस्टेट और पोर्ट के एलएनजी पेट्रोनेट के टग बोट पर उड़ते हुए एक जासूसी कबूतर ने जिला पुलिस सहित सुरक्षा एजेंसियों को परेशान कर दिया। इस कबूतर के दोनों पैरों में बंधे टैग का एक्स-रे लेकर टैग के साथ एफएसएल को भेजे गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कही कबूतर का इस्तेमाल ताइवान के साथ-साथ सिंगापुर में चल रहे आतंकवादी गतिविधियों में एक जासूस के रूप में किया जा रहा है।
आपको बता दें कि दुनिया के निजी बंदरगाहों में 7वें स्थान पर भरूच के दहेज पोर्ट एलएनजी पेट्रोनेट की घाट के पास समुद्र में गश्त करने वाली टगबोट में एक कबूतर देखा गया। इसकी सूचना बंदरगाह सुरक्षा को दी गई। कंपनी के सुरक्षाकर्मियों ने कबूतर को पकड़कर पुलिस को सूचना दी। दहेज पोर्ट की एक पेट्रोनेट एलएनजी कंपनी रामश्री कायमसिंह यादव ने मंगलवार को एक टग बोट पर एक कबूतर को बन्स फुट टैग के साथ देखा। कबूतर के एक पैर में नीले और हरे रंग के चिप्स में 94841 लिखा हुआ था जबकि दूसरे पैर में कॉफी चिप्स में BNZG लिखा हुआ था। 
इसके बाद तुरंत ही बंदरगाह और सुरक्षा एजेंसियों सहित सभी एजेंसियों ने कबूतर के बारे में भरूच जिला पुलिस को इस बारे में बताया और फिर जासूसी कांड के साथ साथ आतंकवादी गतिविधियों की संभावना के साथ भागदौड़ शुरू हो गयी। इस मामले की गंभीरता को भांपते हुए दहेज समुद्री पुलिस उपनिरीक्षक विपुल गागिया और विशेष अभियान दल के उप निरीक्षक नरेश टापरिया टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति की जांच शुरू की। ये अपने आप में पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी भी ऐसा मामला सामने आ चुका है, साथ ही कबूतर के पैर में बंधे टैग की वजह से इस पर जासूसी करने का शक है।
आपको बता दें कि दहेज बंदरगाह देश में सबसे तेजी से बढ़ने वाला बंदरगाह है। दहेज दुनिया का सातवां सबसे बड़ा निजी बंदरगाह है। यहां देश के सबसे बड़े महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान हैं। इस महत्वपूर्ण स्थान पर खतरनाक रसायन, पेट्रोकेमिकल और एलएनजी बंदरगाहों के कारण क्षेत्र में संदिग्ध कबूतरों को देखना चिंताजनक माना जाता है। सवाल यह भी उठता है कि क्या दहेज बंदरगाह पर रेकी हो रही थी? पकड़े गए कबूतर के पैर की जाँच की गई है। इस टैग के ऊपर एक नंबर लिखा था। पुलिस ने टैग की जांच शुरू कर दी है कि क्या इस टैग में ट्रैकर या जीपीएस सिस्टम तो नहीं है? उसकी जांच शुरू हो गई है। यह टैग फॉरेंसिक लैब को भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि ताइवान और सिंगापुर में कबूतरों की दौड़ बहुत लोकप्रिय है। इस दौड़ में गति और दूरी का कीर्तिमान स्थापित करने के लिए कबूतर उड़ाए जाते हैं। ये कबूतर कभी-कभी भटकते हैं और समुद्र में एक जहाज पर शरण लेते हैं। इन कबूतरों पर टैग लगे होते हैं।

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