अब से हवाई यात्रा हुई मंहगी, कोरोना काल में तय हुए किराए की सीमा पर प्रतिबन्ध हटने के साथ एयरलाइन्स ने चार गुना बढ़ाये दाम

प्रतिकात्मक तस्वीर (File Photo: IANS)

ट्रेन में नहीं मिल रही कन्फर्म टिकट, हवाई जहाज में चार गुना भाड़ा, यात्रियों के सामने विकट परिस्थिति

कोरोना काल में लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हवाई यात्राओं के लिए भाड़ा सुनिश्चित कर दिया गया था। इस फिक्स हवाई किराए की समय सीमा आज समाप्त हो रही है। ऐसे में अब एयरलाइंस यात्रियों की जेब पर ज्यादा भर देने जा रहे हैं। त्योहारी सीजन के दौरान कन्फर्म ट्रेन की सीटें नहीं मिलने के कारण हवाई जहाज से यात्रा करने वाले यात्रियों को चार गुना तक शुल्क चुकाना पड़ सकता है।

आपको बता दें कि केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय ने कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए हवाई किराए की सीमा तय की थी। उस सीमा के हटने के साथ, एयरलाइंस अब अपना खुद का किराया निर्धारित कर सकती हैं। इसका फायदा उठाते हुए एयरलाइन कंपनियों ने फेस्टिवल शुरू होते ही किराए में चार गुना तक इजाफा कर दिया है। आम दिनों में वन-वे टिकट का रेट करीब 14 हजार था, जो अब 24,000 तक होने लगा है। जबकि आने वाले दिनों में इसमें और इजाफा हो सकता है। इसके अलावा ट्रेनों में फिलहाल लंबी फ्लेक्सिबल वेटिंग है और साथ ही टिकट कंफर्मेशन भी नहीं मिल रहा है। इससे यात्रियों के लिए विकट परिस्थिति पैदा हो गई है।  यात्रियों को फ्लाइट में जाने के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं।

शारजाह जाने के लिए भी चुकाना पड़ेगा अधिक किराया 

गौरतलब है कि त्यौहार के दौरान अहमदाबाद, मुंबई और दिल्ली से शारजाह के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 67 हजार का किराया देखा जा रहा है। जिसमें अहमदाबाद से शारजाह का हवाई किराया 28 से 56 हजार के बीच है। मुंबई से शारजाह का हवाई किराया 29 से 67 हजार के बीच और नई दिल्ली से शारजाह का हवाई किराया 26 से 54 हजार के बीच देखा जाता है। ऐसे में अगर आप सूरत से अहमदाबाद, मुंबई या दिल्ली होते हुए शारजाह जाते हैं, तो आपको हवाई किराए के लिए 67 हजार तक का भुगतान करना पड़ सकता है।

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