काशी विश्वनाथ मंदिर के पास फायरिंग के बाद प्रशासन अलर्ट, घटनास्थल पर पहुंचे एसीपी-डीसीपी, जांच के निर्देश

काशी विश्वनाथ मंदिर के पास फायरिंग के बाद प्रशासन अलर्ट, घटनास्थल पर पहुंचे एसीपी-डीसीपी, जांच के निर्देश

वाराणसी, 04 जुलाई (वेब वार्ता)। श्री काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर-4 स्थित नंदू फेरिया गली के पास शनिवार सुबह पीएसी जवान की कार्बाइन से दुर्घटनावश गोली चलने की घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गईं।

सूचना मिलते ही अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) शिवहरी मीणा और डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने मामले की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ड्यूटी पर तैनात 48वीं वाहिनी पीएसी के जवान की कार्बाइन हाथ से गिर गई थी, जिससे एक्सीडेंटल फायर हुआ। अधिकारियों के अनुसार घटना पूरी तरह दुर्घटनावश हुई है।

संबंधित जवान अगले वर्ष सेवानिवृत्त होने वाले हैं। हालांकि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

घटना में घायल हुए तीन लोगों को तत्काल मंडलीय चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि किसी भी घायल को गोली या छर्रा नहीं लगा है। सड़क पर गोली लगने के बाद उछली गिट्टी और छोटे पत्थरों से उन्हें मामूली चोटें आई थीं। सभी की हालत सामान्य है।

एसीपी ने बताया कि पीएसी जवान भीड़ को नियंत्रित कर रहे थे, उसी दौरान असलहे से एक्सीडेंटल फायर हुआ। सड़क पर गोली लगने से उछली गिट्टी और पत्थर से मंदिर के पास फूलमाला बेचने वाले तीन लोगों को चोट लगी।

सभी को तत्काल अस्पताल भेजवाया गया। मेडिकल टीम ने सभी का परीक्षण किया। सभी का प्राथमिक उपचार करने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि एक्सीडेंटल फायर की घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पीएसी जवान 87 बैच के पुुलिस के कर्मचारी हैं। अगले साल उनका रिटायरमेंट होना है। भीड़ को हटाते वक्त एक्सीडेंटल फायर हुआ। किसी को गोली नहीं लगी है, बल्कि गोली के प्रभाव से उछली गिट्टी की रगड़ से चोट लगी है।