स्किन केयर में इन 6 खतरनाक सामग्री से रहें दूर

आजकल ग्लोइंग और बेदाग त्वचा पाने की चाहत में लोग तरह-तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। बाजार में मिलने वाली कई क्रीम, फेस वॉश, सीरम और ब्यूटी प्रोडक्ट्स आकर्षक दावे करते हैं, लेकिन हर चमकती चीज आपकी त्वचा के लिए सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं है।

त्वचा विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ ऐसे रसायन हैं जो लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई बार ये सामग्री त्वचा को अस्थायी रूप से चमकदार तो बना देती हैं, लेकिन बाद में स्किन थिनिंग, एलर्जी, पिगमेंटेशन, हार्मोनल असंतुलन और अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती हैं।

खासकर फेयरनेस, इंस्टेंट ग्लो और स्किन व्हाइटनिंग का दावा करने वाले उत्पादों में कुछ खतरनाक तत्व छिपे हो सकते हैं। इसलिए किसी भी स्किन केयर प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उसकी इंग्रीडिएंट लिस्ट पढ़ना बेहद जरूरी है।

यदि आप अपनी त्वचा को स्वस्थ, सुरक्षित और लंबे समय तक खूबसूरत बनाए रखना चाहते हैं, तो इन 6 ऐसे इंग्रीडिएंट्स के बारे में जरूर जानें जिन्हें स्किन केयर में सावधानी के साथ या विशेषज्ञ की सलाह के बिना इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

स्टेरॉयड युक्त क्रीम

स्टेराॅयड से त्वरित चमक मिलती है लेकिन यह बड़ा खतरा है।

कुछ क्रीमों में स्टेरॉयड मिलाए जाते हैं जो त्वचा को अस्थायी रूप से गोरा और चमकदार दिखा सकते हैं।

लेकिन लंबे समय तक इनके उपयोग से त्वचा पतली हो सकती है।

बार-बार मुंहासे निकल सकते हैं।

चेहरे पर अनचाहे बाल उगने की समस्या भी हो सकती है।

बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड युक्त उत्पादों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

मरकरी

मरकरी त्वचा ही नहीं, शरीर के लिए भी नुकसानदायक है।

मरकरी एक विषैला तत्व माना जाता है।

कुछ स्किन ब्राइटनिंग या व्हाइटनिंग उत्पादों में इसकी मौजूदगी पाई गई है।

इसका अत्यधिक उपयोग त्वचा का रंग असमान कर सकता है।

यह दाग-धब्बे बढ़ा सकता है।

इसका इस्तेमाल लंबे समय में किडनी तथा नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित कर सकता है।

हाइड्रोक्विनोन

हाइड्रोक्विनोन से पिगमेंटेशन बढ़ने का जोखिम होता है।

हाइड्रोक्विनोन का उपयोग कुछ मामलों में चिकित्सकीय निगरानी में किया जाता है, लेकिन इसका अनियंत्रित उपयोग त्वचा पर स्थायी काले धब्बों जैसी समस्या पैदा कर सकता है।

लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।

पैराबेन्स

पैराबेन्स से हार्मोनल संतुलन पर असर पड़ता है।

पैराबेन्स का इस्तेमाल कई कॉस्मेटिक उत्पादों में प्रिजर्वेटिव के रूप में किया जाता है।

हालांकि इनके संभावित हार्मोनल प्रभावों को लेकर वर्षों से चर्चा होती रही है।

संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ऐसे उत्पाद चुनने चाहिए जिनमें कम से कम कृत्रिम प्रिजर्वेटिव हों।

सल्फेट्स

सल्फेट्स त्वचा की प्राकृतिक नमी छीन सकते हैं।

सल्फेट्स ऐसे क्लीनिंग एजेंट होते हैं जो झाग बनाने के लिए उपयोग किए जाते हैं।

अधिक मात्रा में मौजूद सल्फेट्स त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत को कमजोर कर सकते हैं।

इससे रूखापन, लालिमा और जलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

संवेदनशील त्वचा वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

फ्रेगरेंस या परफ्यूम

परफ्यूम में कई रसायन छिपे हो सकते हैं।

कई स्किन केयर उत्पादों में सुगंध के लिए फ्रेगरेंस या परफ्यूम मिलाया जाता है।

हालांकि यह उत्पाद को आकर्षक बनाता है, लेकिन कुछ लोगों में एलर्जी, खुजली, जलन और एक्जिमा जैसी समस्याओं को ट्रिगर कर सकता है।

संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए फ्रेगरेंस-फ्री उत्पाद बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

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