गुजरात हुआ पोलियोमुक्त, 2007 से नहीं आए एक भी केस : प्रफुल पनशेरिया

गुजरात हुआ पोलियोमुक्त, 2007 से नहीं आए एक भी केस : प्रफुल पनशेरिया

गांधीनगर, 28 जून (वेब वार्ता)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में राज्यव्यापी पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत राज्य में 0 से 5 वर्ष तक की आयु के 83.72 लाख से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान को सफल बनाने के लिए राज्यभर में 33,489 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं, जहां 1,33,956 स्वास्थ्यकर्मी अपनी सेवाएं देंगे।

अभियान के पहले दिन बच्चों को बूथों पर पोलियो की दवा पिलाई जा रही है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी घर-घर जाकर उन बच्चों को दवा पिलाएंगी जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके। इसके अलावा मोबाइल इकाइयों और ट्रांजिट पॉइंट्स के माध्यम से भी बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।

गुजरात सरकार के मंत्री प्रफुल पनशेरिया ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शुरू हुआ यह तीन दिवसीय अभियान राज्य के प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंचने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाई जाएगी ताकि गुजरात पोलियोमुक्त बना रहे।

उन्होंने बताया कि यह अभियान तीन दिन तक चलेगा। 2007 से अभी तक एक भी पोलियों का केस गुजरात में मिला नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे नियम और योजना के साथ इस अभियान को आगे बढ़ा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम शहर, गांव और झोपड़ी तक लोगों के बच्चों को पोलिया पीला रही है। तीन दिनों में 83 लाख से ज्यादा बच्चों को पोलियों पिलाया जाना है।

स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पनशेरिया ने कहा कि हम लोगों ने योजना बनाई है कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक पीए बिना न रह पाए। मैं स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारियों को धन्यवाद देता हूं, जिनके प्रयास से ये संभव हो रहा है।

जिला प्रशासन ने बताया कि टीकाकरण अभियान की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हजारों स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं, छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें दवा पिलाने के लिए विशेष फॉलोअप व्यवस्था भी बनाई गई है। इसके तहत समर्पित टीमें घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगी और किसी भी पात्र बच्चे को टीकाकरण से वंचित नहीं रहने देंगी।

स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर ले जाकर पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं। यदि कोई बच्चा पहले दिन दवा नहीं पी पाता है, तो घर-घर पहुंचने वाली स्वास्थ्य टीम उसे पोलियो ड्रॉप्स पिलाएगी।