महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में हरियाणा से एक और बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार

मुंबई, 28 जून (वेब वार्ता)। महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें से एक आरोपी हरियाणा तो दो आरोपी बिहार के रहने वाले हैं।

पुलिस के अनुसार, टीईटी-2026 पेपर लीक का मास्टरमाइंड बिहार के समस्तीपुर जिले के शेरपुर गांव का रहने वाला बिजेंद्र गुप्ता है, जो लंबे समय से परीक्षा माफिया से जुड़ा बताया जाता है। पुलिस ने उसके तीन सहयोगियों बिहार के राजीव शॉ, आकाश कुमार और हरियाणा के धीरज सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये तीनों दिल्ली से प्रश्नपत्र लेकर भिवंडी पहुंचे थे और इसे करीब डेढ़ करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी कर रहे थे।

शनिवार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस उपायुक्त पवन बनसोड के नेतृत्व में कार्रवाई की गई और आरोपियों को धर दबोचा गया। पुलिस ने इनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता पिछले लगभग 25 वर्षों से देशभर में पेपर लीक नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। वह पहले भी कई मामलों में आरोपी रह चुका है। बताया जा रहा है कि बिहार पुलिस भी उसे पिछले चार वर्षों से गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। अब महाराष्ट्र पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

वहीं, महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी ) 2026 को पेपर लीक की आशंका के चलते स्थगित कर दिया था। परिषद ने यह फैसला तब लिया जब भिवंडी में पुलिस की कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों के पास मिले प्रश्न परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए थे। मामले की जांच जारी है और भिवंडी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया गया था।

राज्य परीक्षा परिषद के अनुसार, टीईटी 2026 परीक्षा पूरे महाराष्ट्र में 1,028 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जानी थी। हाल के समय में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर नीट 2026 में सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए परिषद ने परीक्षा की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए थे। इसके बावजूद गुप्त सूचना मिलने के बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई।

जानकारी के मुताबिक, 27 जून की सुबह भिवंडी पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोगों के पास शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रश्नपत्र से जुड़ी जानकारी मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने संबंधित स्थान पर छापेमारी की। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया और बरामद सामग्री का मिलान कराया गया था।