सूरत : संविधान हत्या दिवस पर सूरत में सम्मेलन आयोजित, आपातकाल के दौरान मीसा बंदियों का सम्मान

भाजपा नेताओं ने आपातकाल को लोकतंत्र का काला अध्याय बताया, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का लिया संकल्प

सूरत : संविधान हत्या दिवस पर सूरत में सम्मेलन आयोजित, आपातकाल के दौरान मीसा बंदियों का सम्मान

सूरत। संविधान हत्या दिवस के अवसर पर सूरत शहर भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक विशेष सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें वर्ष 1975 के आपातकाल के दौरान मीसा (MISA) के तहत बंदी बनाए गए लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में आपातकाल के दौर को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत सूरत शहर भाजपा अध्यक्ष परेशभाई पटेल के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद सूरत के सांसद मुकेशभाई दलाल ने उपस्थित कार्यकर्ताओं और अतिथियों को संबोधित करते हुए लोकतंत्र की मजबूती में संघर्षशील कार्यकर्ताओं के योगदान को याद किया।

इस अवसर पर आपातकाल के दौरान मीसा के तहत जेल गए लोकतंत्र सेनानियों का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। सम्मानित व्यक्तियों में फकीरभाई छोटूभाई चौहान, गोविंदजी बजाज, सतीश रतनजी सेजपाल, ललितजी बंसल, गिरधारीलाल तापड़िया, विनोदजी मित्तल, कैलाशजी शर्मा, रामअवतारजी गोदुका, शरद कंडावाला तथा नरेंद्रभाई हरिकिशनदास पशारिया सहित अन्य वरिष्ठ नागरिक शामिल थे।

सम्मेलन के मुख्य वक्ता और गुजरात भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष गोरधनभाई झड़फिया ने अपने संबोधन में कहा कि 25 जून 1975 की मध्यरात्रि को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को गंभीर आघात पहुंचाया था।

उन्होंने कहा कि 26 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला दिन था, जब प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया और मीसा कानून के तहत देशभर में बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक और पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने बताया कि उस समय गुजरात में नव निर्माण आंदोलन अपने चरम पर था और आपातकाल के दौरान राज्य में हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक संघर्षों के इतिहास को समझने और उससे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में भाजपा के विभिन्न पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इनमें गुजरात भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अंजूबेन वेकारिया, सूरत की महापौर मायाबेन मवाणी, हेमालीबेन बोग्हावाला, विधायक, पूर्व विधायक, नगरसेवक, पूर्व नगरसेवक तथा पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल थे।

सम्मेलन के दौरान लोकतंत्र की रक्षा, संविधान के प्रति सम्मान और जनभागीदारी को मजबूत बनाने का संदेश दिया गया।