सूरत : माहेश्वरी समाज ने धूमधाम से मनाया 5159वां उत्पत्ति दिवस, निकली भव्य महेश नवमी शोभायात्रा
सिटी लाइट और पर्वत पाटिया से निकली शोभायात्राओं में उमड़ा समाज, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का दिया संदेश
सूरत जिला माहेश्वरी सभा के तत्वावधान में माहेश्वरी समाज का 5159वां उत्पत्ति दिवस महेश नवमी पर्व श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से भव्य शोभायात्राओं का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सूरत जिला माहेश्वरी सभा के मीडिया प्रभारी सुनील माहेश्वरी ने बताया कि मंगलवार प्रातः 8 बजे माहेश्वरी भवन, सिटी लाइट एवं पर्वत पाटिया क्षेत्र से शोभायात्राएं निकाली गईं, जो माहेश्वरी लग्जरिया तक पहुंचीं। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान महेश की वंदना के साथ हुई।
इस अवसर पर सूरत जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष पवन बजाज, सचिव अतीन बाहेती, कोषाध्यक्ष रामसहाय सोनी, महासभा कार्यसमिति सदस्य मुरली सोमानी, माहेश्वरी भवन समिति अध्यक्ष नरेंद्र साबू सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
शोभायात्रा में सुसज्जित बग्घियां, घुड़सवार, वाहन एवं आकर्षक झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। भगवान महेश, राधा-कृष्ण सहित विभिन्न देवी-देवताओं की जीवंत झांकियों ने सभी का मन मोह लिया। एसबीआर माहेश्वरी विद्यापीठ की झांकी भी विशेष आकर्षण रही। सिटी लाइट एवं पर्वत पाटिया क्षेत्रों में विभिन्न संस्थाओं द्वारा शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
महेश नवमी के पावन अवसर पर माहेश्वरी भवन, सिटी लाइट एवं माहेश्वरी लग्जरिया, पर्वत पाटिया में 251 शिवलिंगों का विधि-विधान से महाअभिषेक किया गया। सूरत जिला माहेश्वरी सभा के सचिव अतीन बाहेती ने बताया कि माहेश्वरी नवयुवक मंडल एवं माहेश्वरी लग्जरिया टीम के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजनों एवं नवविवाहित जोड़ों ने भगवान शिव (महेश) का रुद्राभिषेक किया।
माहेश्वरी नवयुवक मंडल के अध्यक्ष हरि प्रसाद पेडीवाल एवं सचिव विष्णु राठी ने बताया कि माहेश्वरी भवन में करीब 111 जोड़ों तथा माहेश्वरी लग्जरिया में करीब 101 जोड़ों ने आर्ट ऑफ लिविंग के विद्वान ब्राह्मणों के सहयोग से महाअभिषेक किया।

51 स्वागत द्वारों से हुआ शोभायात्रा का स्वागत
महेश नवमी महोत्सव के संयोजक सतीश कोठारी एवं सुनील बाहेती ने बताया कि भगवान महेश की महाआरती के बाद सिटी लाइट से शोभायात्रा प्रारंभ हुई, जो अणुव्रत द्वार एवं आसपास के क्षेत्रों से होते हुए पुनः माहेश्वरी भवन पहुंची। वहीं पर्वत पाटिया क्षेत्र की शोभायात्रा विभिन्न मार्गों एवं सोसायटियों से होते हुए माहेश्वरी सेवा सदन पहुंची। शोभायात्रा मार्ग में 51 स्वागत द्वार बनाए गए थे। विभिन्न संस्थाओं एवं समाजबंधुओं द्वारा स्वागत, अल्पाहार एवं जलपान की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम के अंत में माहेश्वरी सेवा सदन में महाप्रसाद का आयोजन किया गया। सेवा सदन अध्यक्ष श्याम राठी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
जिला सभा कोषाध्यक्ष रामसहाय सोनी ने बताया कि शोभायात्रा के दौरान स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज की प्रतिबद्धता दिखाई दी। शोभायात्रा मार्ग पर सफाई की विशेष व्यवस्था की गई ताकि कहीं भी कचरा न फैले। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सिटी लाइट क्षेत्र में गिरधारी साबू तथा पर्वत पाटिया क्षेत्र में रामवतार झंवर एवं उनकी टीम ने जिम्मेदारी निभाई।
समाजसेवियों का हुआ सम्मान
महेश नवमी के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में समाज उत्थान एवं सेवा कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समाजबंधुओं को सम्मानित किया गया। इस वर्ष महेश रत्न सम्मान रामकुमार भैरुदान मूंधड़ा को तथा महेश भूषण सम्मान ओमप्रकाश मोहनलाल देवपुरा एवं वासुदेव हीरालाल सोनी को प्रदान किया गया। माहेश्वरी भवन सिटी लाइट में सूरत जिला माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही मरणोपरांत नेत्रदान करने वाले समाजबंधुओं के परिवारों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन भवन समिति सचिव हरीशंकर तोषनीवाल ने किया।
माहेश्वरी लग्जरिया में रंगारंग सांस्कृतिक आयोजन
महेश नवमी पर्व पर माहेश्वरी लग्जरिया, पर्वत पाटिया में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका संचालन माहेश्वरी महिला मंडल वेस्ट द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि छोटूभाई पाटिल तथा विशेष अतिथि के रूप में कॉर्पोरेटर रश्मि गिरधारी साबू एवं दिनेश राजपुरोहित उपस्थित रहे।
माहेश्वरी लग्जरिया के अध्यक्ष श्याम राठी एवं सचिव शैलेश चांडक ने अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। छोटूभाई पाटिल ने अपने संबोधन में माहेश्वरी समाज की गौरवशाली परंपराओं, सामाजिक एकता और युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। समाज के सभी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के सहयोग से महेश नवमी महोत्सव श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता के संदेश के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ।
