सूरत : बार काउंसिल ऑफ इंडिया में दिखी महिला सशक्तिकरण की नई तस्वीर
बार काउंसिल ऑफ गुजरात की नव-निर्वाचित महिला सदस्यों का सम्मान, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग को मिला सकारात्मक समर्थन
सूरत। बार काउंसिल ऑफ गुजरात (BCG)के वर्ष 2026 के चुनाव में पांच महिला अधिवक्ताओं के निर्वाचित होने के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की बैठक में महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली। अहमदाबाद में आयोजित बैठक के दौरान नव-निर्वाचित महिला सदस्यों के सम्मान में विशेष समारोह का आयोजन किया गया।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने बार काउंसिल ऑफ गुजरात की नव-निर्वाचित महिला सदस्यों का शॉल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया। सम्मानित होने वाली महिला प्रतिनिधियों में प्रीति जिग्नेश जोशी, हीरल पानवाला, निमिषा धोत्रे, वंदना भट्ट और अमृता भारद्वाज शामिल थीं।
अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया
सम्मान समारोह के दौरान महिला प्रतिनिधियों ने अधिवक्ताओं के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रस्तुति दी। उन्होंने देशभर के अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया और इस संबंध में अपनी मांग बार काउंसिल ऑफ इंडिया के समक्ष रखी।
BCI अध्यक्ष ने दिया सकारात्मक आश्वासन
महिला सदस्यों की प्रस्तुति पर प्रतिक्रिया देते हुए मनन कुमार मिश्रा ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए उचित कदम उठाने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया प्रतिबद्ध है।
महिला नेतृत्व की सराहना
इस अवसर पर BCI अध्यक्ष ने कहा कि विधि क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कानूनी शिक्षा और अधिवक्ता समुदाय के विकास में महिला प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रतिबद्धता और नेतृत्व क्षमता नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
बार काउंसिल ऑफ गुजरात में पांच महिला सदस्यों का निर्वाचित होना न केवल राज्य के विधि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, बल्कि यह न्यायिक और कानूनी संस्थाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी प्रतीक है।
