सूरत : पर्यावरण संरक्षण में पांडेसरा GIDC ने पेश की मिसाल, विश्व पर्यावरण दिवस पर लगाए 1,650 पौधे, 80 MLD ट्रीटेड पानी का हो रहा री-यूज़

GPCB के क्षेत्रीय अधिकारी अरुण पटेल की उपस्थिति में PIA का महा-अभियान; 'अमृत वन' और 'हरित वन' जैसे प्रोजेक्ट्स से संवर रहा औद्योगिक क्षेत्र

सूरत : पर्यावरण संरक्षण में पांडेसरा GIDC ने पेश की मिसाल, विश्व पर्यावरण दिवस पर लगाए 1,650 पौधे, 80 MLD ट्रीटेड पानी का हो रहा री-यूज़

सूरत, 5 जून 2026: विश्व पर्यावरण दिवस के वैश्विक अवसर पर सूरत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र पांडेसरा GIDC में पर्यावरण चेतना और हरित विकास का एक अनूठा संगम देखने को मिला।

'पांडेसरा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन' (PIA) द्वारा आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के तहत पूरे औद्योगिक क्षेत्र में रिकॉर्ड 1,650 पौधे रोपे गए। इस विशेष अभियान और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम में गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB) के क्षेत्रीय अधिकारी (रीजनल ऑफिसर) श्री अरुण पटेल मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

ग्रीन प्रोजेक्ट्स और 'वेस्ट टू वेल्थ' का बड़ा हब बनी GIDC
आज पांडेसरा GIDC पूरे गुजरात में पर्यावरण संरक्षण और सतत औद्योगिक विकास (Sustainable Industrial Development) के एक रोल मॉडल के रूप में उभर रही है। एसोसिएशन, सीईटीपी (CETP) और सदस्य उद्योगों के साझा सहयोग से इस क्षेत्र में कई उल्लेखनीय ग्रीन प्रोजेक्ट्स सफलतापूर्वक विकसित किए गए हैं:

शहरी वनों का निर्माण: औद्योगिक क्षेत्र को स्वच्छ हवा देने के लिए अमृत वन, समर्पण वन, हरित वन और कमल बाग जैसे सघन वृक्षारोपण क्षेत्रों का विकास किया गया है।

शैक्षणिक व औद्योगिक ग्रीन ज़ोन: उद्योग भारती विद्यालय का ग्रीन कैंपस, सीईटीपी ग्रीन ज़ोन और यूटिलिटी ग्रीन कॉरिडोर इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

सर्कुलर इकोनॉमी की पहल: जल संरक्षण के लिए विशेष वॉटर हार्वेस्टिंग तालाब बनाए गए हैं। इसके अलावा, रिसायकल प्लास्टिक का उपयोग करके पर्यावरण जागरूकता का संदेश देने वाले खूबसूरत मोन्यूमेंट्स तैयार किए गए हैं।

जल संरक्षण: 80 MLD प्रदूषित पानी को शुद्ध कर दोबारा उपयोग करने का कीर्तिमान
पानी की बचत और पर्यावरण संतुलन को लेकर पांडेसरा GIDC ने एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। वर्तमान में इस औद्योगिक क्षेत्र की कुल पानी की आवश्यकता 105 MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन) है, जिसमें से रिकॉर्ड 80 MLD टर्शियरी ट्रीटेड पानी (शुद्ध किया हुआ अपशिष्ट जल) उद्योगों में दोबारा इस्तेमाल किया जा रहा है। यह कदम देश में 'सर्कुलर इकोनॉमी' और 'जल संचय' की दिशा में बेहद क्रांतिकारी माना जा रहा है।

गंदे पानी के ट्रीटमेंट के साथ-साथ सीईटीपी (CETP) प्रबंधन द्वारा लगातार ग्रीन बेल्ट डेवलपमेंट, सफाई अभियान और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नियमित फॉगिंग सर्विसेज जैसी सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभाई जा रही हैं।

सूरत के दिग्गज उद्योगपतियों ने लिया 'साफ और टिकाऊ' भविष्य का संकल्प
इस गरिमामयी अवसर पर पांडेसरा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलविजय तुलस्यान,  जितेंद्र वखारिया, श्यामभाई अग्रवाल,  जे.पी. अग्रवाल, विनीत जैन, भूषण जैन और श्री तेजस कपाड़िया सहित टेक्सटाइल व अन्य सेक्टर्स से जुड़े बड़ी संख्या में उद्योगपति और एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मौजूद सभी उद्यमियों ने पांडेसरा GIDC के इन प्रयासों की सराहना की तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अधिक हरा-भरा, स्वच्छ और टिकाऊ औद्योगिक माहौल बनाने का सामूहिक संकल्प दोहराया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनके लिए पर्यावरण दिवस सिर्फ एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह ग्रीन ग्रोथ और सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को हासिल करने का साल भर चलने वाला एक निरंतर संकल्प है।

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