सूरत : फिल्मी स्टाइल की चोरी, कंक्रीट की दीवार फांदकर 48 लाख उड़ाने वाला शातिर गिरफ्तार

पुलिस ने 100 से ज्यादा CCTV खंगालकर आरोपी को दबोचा, पानी की टंकी से बरामद हुए नोटों के बंडल

सूरत : फिल्मी स्टाइल की चोरी, कंक्रीट की दीवार फांदकर 48 लाख उड़ाने वाला शातिर गिरफ्तार

सूरत। शहर के अडाजन इलाके में एक नामी बिल्डर के बंगले में हुई 48 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का मामला सामने आया है। शातिर चोर ने महज कुछ ही मिनटों में अलमारी का लॉक तोड़कर कैश से भरा बैग पार कर दिया और केवल 1 सेकंड के भीतर 4 फीट ऊंची कंक्रीट की दीवार फांदकर फरार हो गया।

हालांकि, उसकी यह चालाकी ज्यादा दिन नहीं चल सकी। सूरत सिटी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और चोरी की शत-प्रतिशत रकम बरामद करने में सफलता हासिल की है।

 पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अडाजन परशुराम गार्डन के पास स्थित हाई-प्रोफाइल 'सेतु विला' बंगले के मालिक हिम्मत हीराभाई पटेल पेशे से बिल्डर हैं।

हिम्मतभाई हाल ही में भावनगर जिले के अपने पैतृक गांव धोला में एक सामाजिक प्रसंग में गए हुए थे। बंगले में उनकी पत्नी, बेटा कौशिक, बहू भूमि और छुट्टियों में आई बेटी निधि मौजूद थे।

18 मई की देर रात करीब 11:00 बजे पूरा परिवार सोने चला गया। इसी बीच, पहले से ही रेकी कर चुके नानपुरा के शातिर और आदतन अपराधी देवराज उर्फ कालू पाटिल ने अंधेरे का फायदा उठाकर बंगले के परिसर में प्रवेश किया।

रात करीब 03:00 बजे नकाबपोश चोर देवराज पार्किंग एरिया के रास्ते सीधे मुख्य बेडरूम में दाखिल हुआ। उसने वहां रखी मजबूत लकड़ी की अलमारी का लॉक कटर या अन्य औजार से तोड़ा, जिससे एक तेज आवाज हुई।

इस आवाज को सुनकर हिम्मतभाई की बेटी निधि की नींद खुल गई। उसने तुरंत ऊपरी मंजिल पर सो रहे भाई कौशिक को फोन किया। कौशिक जैसे ही नीचे की तरफ भागा, चोर तब तक खिड़की से कूदकर 48 लाख रुपये कैश से भरा बैग लेकर रफूचक्कर हो चुका था।

इतनी बड़ी रकम की चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत और डीसीपी (ज़ोन-5) लखधीर सिंह ज़ाला के सीधे मार्गदर्शन में अडाजन पुलिस इंस्पेक्टर (PI) एन.ए. चावड़ा और पीएसआई एन.डी. पटेल की अलग-अलग टीमें गठित की गईं।

पुलिस ने वारदात स्थल और आसपास के रूट के 100 से ज्यादा CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में आरोपी के दीवार लांघने के तरीके और उसकी नीले रंग की एक्सेस मोपेड के नंबर का सुराग पुलिस के हाथ लग गया।

 डीसीपी लखधीर सिंह ज़ाला ने बताया कि तकनीकी इनपुट से पता चला था कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए मुंबई भाग गया है। आरोपी देवराज को डर था कि अगर वह इतनी बड़ी नकदी के साथ हाईवे या ट्रेन में चेकिंग के दौरान पकड़ा गया, तो सीधा जेल जाएगा।

इसलिए उसने शातिर दिमाग का इस्तेमाल करते हुए चोरी का सारा पैसा मुंबई ले जाने के बजाय सूरत में ही एक सुनसान जगह पर छिपा दिया और खुद खाली हाथ मुंबई चला गया ताकि पुलिस की जांच की दिशा भटकाई जा सके।

 मुंबई गई अडाजन पुलिस की स्पेशल टीम को पुख्ता मानवीय सूचना मिली कि आरोपी ज्यादा दिन वहां नहीं रुका है और अपनी छिपाई हुई रकम लेने वापस सूरत लौट रहा है। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने तड़के ही सूरत के सहारा दरवाजा गरनाला के पास जाल बिछा दिया। जैसे ही संदिग्ध आरोपी वहां से गुजरा, अलर्ट पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।

 कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि चोरी की रकम रांदेर तारवाड़ी के पास स्थित 'माज़्दा टावर' नाम की एक जर्जर और खाली पड़ी बिल्डिंग की छत पर छिपाई है।

पुलिस की टीम जब वहां पहुँची, तो मुख्य गेट पर बड़ा ताला लटका हुआ था। अडाजन पीआई ने बिना वक्त गंवाए हथौड़े से ताला तोड़ा और टीम के साथ छत पर पहुँचे। वहां बनी एक पुरानी पानी की टंकी के भीतर से ₹500 के नोटों के बंडलों से भरा पूरा बैग सही-सलामत बरामद कर लिया गया।

पुलिस ने चोरी की पूरी कैश रकम 48,00,000 रुपये और वारदात में इस्तेमाल की गई मोपेड सहित कुल 48,85,000 रुपये का मुद्दामाल ज़ब्त कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपी देवराज उर्फ कालू पाटिल एक हिस्ट्रीशीटर है, जो इससे पहले भी सूरत के अडाजन, रांदेर, लिंबायत और डिंडोली थानों में चोरी के 7 गंभीर मामलों में नामजद रह चुका है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही कर रही है।

Tags: Surat