सूरत : रेड क्रॉस दिवस पर द्वारका में विशाल स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन
नेत्र निदान, निःशुल्क चश्मा वितरण, डेंटल और फिजियोथेरेपी कैंप में सैकड़ों लोगों ने लिया लाभ
रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी चोर्यासी शाखा, सूरत एवं इंडियन रेड क्रॉस देवभूमि द्वारका के संयुक्त सहयोग से देवभूमि द्वारका स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर में तृतीय वार्षिक पाटोत्सव के उपलक्ष्य में विशाल स्वास्थ्य सेवा शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में नेत्र निदान, निःशुल्क चश्मा वितरण, डेंटल कैंप एवं फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
देवभूमि द्वारका स्थित श्री स्वामीनारायण आश्रम में विराजमान घनश्याम महाराज एवं आदि देवों का तृतीय वार्षिक पाटोत्सव अत्यंत भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया गया। यह आयोजन कोठारी गोविंद स्वामी की प्रेरणा तथा पूज्य के.पी. स्वामी, पूज्य जे.पी. स्वामी और श्री पार्थ भगत के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
महोत्सव के अंतर्गत 8 और 9 मई को आयोजित मेडिकल कैंप में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। संपूर्ण मेडिकल कैंप के मुख्य दानदाता परम भक्त चिंतन कुमार विनोदभाई ठक्कर एवं अखंड सौभाग्यवती श्रीमती हंसाबेन विनोदभाई ठक्कर (शिकागो, यूएसए) रहे।
कैंप को सफल बनाने में इंडियन रेड क्रॉस द्वारका शाखा के चेयरमैन डॉ. नीतिनभाई बाराई, सेक्रेटरी अश्विनभाई गोकाणी सहित सुरेशभाई दंताणी, प्रतापभाई दामाणी, भद्रेशभाई जोशी, कीड़ी मकवाणाभाई, किरण वायडा, राजेन्द्रभाई नीला, प्रवीणभाई चौहान, मनीषाबेन फलडिया, ईश्वरभाई झाखरिया एवं कनुभाई हिंडोचा ने विशेष योगदान दिया।
नेत्र निदान एवं निःशुल्क चश्मा वितरण शिविर में कुल 325 लोगों की आंखों की जांच की गई तथा 275 जरूरतमंदों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। वहीं 15 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए राजकोट स्थित रणछोड़दास बापू अस्पताल रेफर किया गया, जबकि 25 अन्य मरीजों को आगामी माह में पुनः जांच कराने की सलाह दी गई।
इस नेत्र सेवा अभियान में लोक दृष्टि आई बैंक के उपाध्यक्ष दिनेशभाई जोगाणी ने इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी चोर्यासी तालुका शाखा के चेयरमैन डॉ. प्रफुल्लभाई शिरोया के माध्यम से अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
डेंटल कैंप में डॉ. योगेश पानसुरिया (एमडीएस गोल्ड मेडलिस्ट, सूरत), राजुभाई मंगरोलिया, गौरांगभाई सोजीत्रा और अमितभाई गजेरा की टीम ने लगभग 150 मरीजों का उपचार एवं मार्गदर्शन किया। इस सेवा कार्य के प्रेरक धनजीभाई जसमतभाई राखोलिया (अकाला, हाल सूरत) रहे।
पूज्य कोठारी गोविंद स्वामी ने धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को जोड़कर “दरिद्र नारायण सेवा” का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसकी समाज में व्यापक सराहना हो रही है।
