सूरत कंज्यूमर कोर्ट का अहम फैसला

शिकायतकर्ता जीनल पटेल को ब्यू माउंटेन रिज़ॉर्ट के खिलाफ इंसाफ मिला

सूरत कंज्यूमर कोर्ट का अहम फैसला

सूरत। शहर के कंज्यूमर प्रोटेक्शन कमीशन ने एक अहम फैसले में ब्यू माउंटेन रिज़ॉर्ट एंड हॉस्पिटैलिटी के खिलाफ सख्त आदेश जारी करते हुए शिकायतकर्ता जीनल पटेल के पक्ष में फैसला सुनाया है। कस्टमर को गुमराह करने और गलत बिजनेस प्रैक्टिस अपनाने के आरोपों को मानते हुए कोर्ट ने कंपनी से रकम वापस करने को कहा है।

शिकायत के मुताबिक, जीनल पटेल ने 31 मार्च, 2024 को कंपनी से मेंबरशिप ली थी और बदले में ₹67,000 दिए थे। कंपनी ने सेमिनार में आकर्षक ऑफर, फाइव-स्टार होटलों से जुड़ाव और दूसरी सुविधाओं के बारे में बड़े-बड़े दावे किए थे। लेकिन बाद में पता चला कि दिखाए गए कई होटल लिस्ट में नहीं थे और कुछ सुविधाएं गुमराह करने वाली थीं।

इसके अलावा, शिकायतकर्ता ने दावा किया कि कंपनी ने दूसरी मेंबरशिप बेचने का वादा किया था, जो पूरा नहीं किया गया। EMI पर ब्याज काटने के बावजूद, पूरी रकम वापस नहीं की गई, जिसे 'गलत ट्रेड प्रैक्टिस' भी माना गया।

केस के दौरान कंपनी की तरफ से कोई रिप्रेजेंटेटिव मौजूद नहीं था और कोई जवाब भी फाइल नहीं किया गया, जिसकी वजह से मामला एकतरफा चला।

चीफ जस्टिस आर.एल. ठक्कर और मेंबर पूर्वी जोशी की बेंच ने अपने फैसले में कहा कि कंपनी ने कस्टमर को गलत जानकारी दी और गलत तरीके से रकम वसूली।

कोर्ट के ऑर्डर के मुताबिक कंपनी को शिकायत करने वाले को ₹70,000 की रकम 9% सालाना ब्याज के साथ वापस करनी होगी (23 अगस्त, 2024 से पेमेंट तक), मानसिक टॉर्चर और परेशानी के लिए ₹3,000 का मुआवजा और केस कॉस्ट के तौर पर ₹2,000 देने होंगे। पूरा पेमेंट 30 दिनों के अंदर करना ज़रूरी होगा।

कोर्ट के इस फैसले को कस्टमर्स के लिए अहम माना जा रहा है, जिससे पता चलता है कि गुमराह करने वाले सेलिंग तरीकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई असरदार हो सकती है। शिकायतकर्ता जीनल पटेल की ओर से सिनियर वकिल प्रीत‌ि जिग्नेश जोषी और बेला गिरनारा ने कोर्ट में दलीले दी थी। 

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