सूरत : एसएमए की मीटिंग में व्यापारिक समस्याओं पर मंथन, नकद व्यापार और ऑनलाइन कारोबार अपनाने पर दिया जोर
टेक्सटाइल ट्रेडर्स ने प्रोसेस हाउस संचालकों से लागू की गई नई रेट स्थगित रखने की अपील की, कहा- वर्तमान व्यापारिक परिस्थितियों में अतिरिक्त बोझ व्यापार के लिए नुकसानदायक
सूरत मर्कन्टाइल एसोसिएशन (एसएमए) की 219वीं नियमित मासिक समस्या समाधान बैठक रविवार, 21 जून 2026 को माहेश्वरी भवन, सिटी लाइट, सूरत में आयोजित की गई। बैठक का आयोजन व्यापारी भाइयों की निःस्वार्थ सेवा के उद्देश्य से एसएमए प्रमुख नरेंद्र साबू के नेतृत्व में पंच पैनल एवं कोर कमेटी टीम की अगुवाई में किया गया।
बैठक में 118 व्यापारी भाइयों एवं समाज के अग्रणियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान व्यापारियों की समस्याओं से जुड़े 6 आवेदन पत्रों पर सुनवाई की गई। इनमें से एक समस्या का समाधान आपसी बातचीत के माध्यम से तत्काल कर दिया गया, जबकि अन्य मामलों को पंच पैनल एवं लीगल टीम को सौंप दिया गया है, जिन पर नियमानुसार समाधान प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
बैठक की शुरुआत में व्यापारिक परिस्थितियों पर विस्तृत चर्चा हुई। व्यापारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष के प्रथम क्वार्टर (अप्रैल से जून) में पिछले वर्ष की तुलना में बिक्री में लगभग 30 प्रतिशत तक कमी देखने को मिल रही है। दक्षिण भारत के आदि सेल पीरियड को देखते हुए आने वाले समय में भी कारोबार कमजोर रहने की आशंका जताई गई।
बैठक में व्यापारियों ने कहा कि बाजार में खरीद क्षमता कम हुई है और भुगतान में देरी के कारण सूरत के व्यापारी भी माल देने में सावधानी बरत रहे हैं। कपड़ा व्यापार सूरत में पिछले 50 वर्षों से मजबूत आधार पर चल रहा है, लेकिन वर्तमान समय व्यापार के लिए चुनौतीपूर्ण दौर है। व्यापारियों ने उधारी व्यवस्था को इसकी बड़ी वजह बताते हुए कहा कि दक्षिण भारत से भुगतान प्रक्रिया में चार महीने से लेकर छह महीने और कई बार एक साल तक का समय लग जाता है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। एसएमए पदाधिकारियों ने व्यापारियों से अपील की कि व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए नकद कारोबार को प्राथमिकता दें। साथ ही बदलते समय के अनुसार ऑफलाइन व्यापार के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी कारोबार को बढ़ाने की आवश्यकता है।
बैठक में मिल प्रिंटिंग चार्ज में हुई वृद्धि पर भी चर्चा हुई। व्यापारियों ने कहा कि मशीन प्रिंटिंग की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि डिजिटल प्रिंटिंग बाजार में अपेक्षाकृत सस्ती और बेहतर विकल्प के रूप में उपलब्ध है। कम मात्रा में उत्पादन और बेहतर फिनिशिंग के कारण व्यापारियों को डिजिटल प्रिंटिंग की दिशा में आगे बढ़ने पर विचार करना चाहिए।
इस अवसर पर सूरत के प्रोसेस हाउस संचालकों से भी अपील की गई कि 15 जून से लागू की गई नई रेट बढ़ोतरी को फिलहाल स्थगित रखा जाए। टेक्सटाइल ट्रेडर्स ने इस वृद्धि को लेकर अपनी असहमति जताते हुए कहा कि वर्तमान व्यापारिक परिस्थितियों में अतिरिक्त बोझ व्यापार के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
बैठक का समापन स्वादिष्ट अल्पाहार के साथ हुआ। कार्यक्रम में एसएमए परिवार के अशोक गोयल, महेश पाटोदिया, घनश्याम माहेश्वरी, मनोज अग्रवाल, अरविंद जैन, मुकेश अग्रवाल, राजेश गुरनानी, अशोक बाजारी, फूलचंद राठौड़, सुरेश मालपानी, राम बल्लभ चांडक, राजकुमार धनानिया, राजेंद्र कनोडिया, कविश मारू सहित समाज के अनेक गणमान्य अग्रणी उपस्थित रहे।
